पटना : ऑनलाइन दवा कंपनियों के विरोध में बिहार समेत देशभर के दवा दुकानदार 20 मई 2026 को एकदिवसीय बंदी पर रहेंगे। बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के आह्वान पर इस बंद का समर्थन किया है। पटना के गोविंद मित्रा रोड स्थित एसोसिएशन कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अध्यक्ष प्रसन्न कुमार सिंह ने बताया कि 19 मई की रात 12 बजे से 20 मई की रात 12 बजे तक राज्य की 40 हजार से अधिक दवा दुकानें बंद रहेंगी। पटना में करीब 7 हजार मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे।
एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि ई-फार्मेसी कंपनियां नकली, नशीली, डुप्लीकेट और अवैध दवाओं की बिक्री कर रही हैं। प्रसन्न कुमार सिंह ने कहा कि ऑफलाइन दवा दुकानदारों को नियमों और फार्मासिस्ट निगरानी का पालन करना पड़ता है, जबकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना पर्याप्त फिजिकल वेरिफिकेशन के दवाएं बेच रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि एआई की मदद से फर्जी प्रिस्क्रिप्शन तैयार कर प्रतिबंधित और शेड्यूल H1 दवाओं की ऑनलाइन सप्लाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन कंपनियां भारी छूट देकर छोटे केमिस्टों के अस्तित्व पर संकट पैदा कर रही हैं। सरकार जहां दवा व्यापार में सीमित मार्जिन तय करती है, वहीं ई-फार्मेसी 40 से 50 प्रतिशत तक डिस्काउंट दे रही हैं। एसोसिएशन का आरोप है कि बड़ी कंपनियां बाजार पर कब्जा करने के लिए घाटे में कारोबार कर रही हैं।
प्रसन्न कुमार सिंह ने यह भी कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का सही पालन नहीं हो रहा है। कोरोना काल में जारी केंद्र सरकार की अधिसूचना का दुरुपयोग अब भी जारी है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन ई-फार्मेसी के पूरी तरह खिलाफ नहीं है, बल्कि उसके लिए सख्त नियम चाहता है।
बंदी के दौरान अस्पताल और नर्सिंग होम के आसपास की मेडिकल दुकानें खुली रहेंगी। आपात स्थिति में संगठन की ओर से जरूरी दवाओं की आपूर्ति 1 से 2 घंटे के भीतर कराने का दावा किया गया है।


