बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026 में अप्रैल तक जिले के राष्ट्रीय और राज्य उच्च पथों पर 117 सड़क हादसे दर्ज किए गए हैं। इन हादसों में 110 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 75 लोग घायल हुए हैं। बढ़ते हादसों को देखते हुए डीएम ने संबंधित विभागों को ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया।
जिले में कुल 36 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जिनमें हीरा टोल जीरोमाइल, रघुनाथपुर, सनहा मोड़, लखमिनियां स्टेशन, हर-हर महादेव चौक और देवना चौक प्रमुख हैं। इन जगहों पर हाई मास्ट लाइट, रम्बल स्ट्रिप, रिफ्लेक्टर और गति सीमा संकेतक लगाए जाएंगे। एनएचएआई द्वारा 20 और पथ निर्माण विभाग द्वारा 16 ब्लैक स्पॉट पर सुधार कार्य शुरू कर दिया गया है।
बैठक में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर हुई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। अप्रैल 2026 में परिवहन विभाग ने हेलमेट, सीट बेल्ट, ओवरलोडिंग और प्रदूषण नियमों के उल्लंघन पर 1 करोड़ 40 लाख रुपये से अधिक की वसूली की। वहीं यातायात पुलिस और थाना क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाकर करीब 99 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। कुल मिलाकर एक महीने में 2 करोड़ 40 लाख रुपये से अधिक की राशि वसूली गई।
इसके अलावा सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए नकदी रहित उपचार योजना 2025 की समीक्षा भी हुई। योजना के तहत घायल व्यक्ति के इलाज के लिए 1.50 लाख रुपये तक सीधे अस्पताल को दिए जाएंगे। जिले के 44 अस्पतालों को इससे जोड़ा गया है। वहीं ‘गुड समेरिटन’ योजना के तहत मदद करने वाले नागरिकों को 25 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।


