गोपालगंज जिले के हथुआ प्रखंड स्थित नया गांव तुलसिया में उस समय हलचल मच गई, जब पुलिस ने जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार उर्फ पप्पू पांडेय के भाई सतीश पांडेय के पैतृक आवास पर कुर्की-जब्ती से पहले का इश्तहार चस्पा किया। पुलिस टीम ने गांव में डुगडुगी बजाकर यह कार्रवाई की और आरोपियों को निर्धारित समय के भीतर आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी।
पूरा मामला कुचायकोट थाना क्षेत्र के बेलवा इलाके में करीब 16 एकड़ कीमती जमीन पर कथित अवैध कब्जे से जुड़ा है। इस मामले में जदयू विधायक पप्पू पांडेय, उनके भाई सतीश पांडेय और चार्टर्ड अकाउंटेंट राहुल तिवारी को नामजद आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि इन लोगों ने भूमाफियाओं को संरक्षण देकर अवैध तरीके से जमीन कब्जाने में मदद की।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जुटी रही और पूरे गांव में मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी है।
इसी बीच आज इस मामले में अदालत में अहम सुनवाई होनी है। विधायक पप्पू पांडेय और उनके भाई सतीश पांडेय की ओर से दाखिल अग्रिम जमानत याचिका पर कोर्ट फैसला सुना सकता है। ऐसे में राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों हलकों की नजरें न्यायालय की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
थानाध्यक्ष दर्पण सुमन ने कहा कि पूरी कार्रवाई कानून के तहत की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आरोपी तय समय सीमा के भीतर अदालत या पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो कोर्ट से आदेश लेकर कुर्की-जब्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इस घटना ने गोपालगंज की राजनीति में भी हलचल बढ़ा दी है। पप्पू पांडेय जिले की राजनीति में प्रभावशाली माने जाते हैं। ऐसे में सत्ताधारी दल के विधायक का नाम इस तरह के मामले में सामने आने से राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब सभी की नजर अदालत के अगले फैसले पर टिकी हुई है।
