नवगछिया साइबर थाना पुलिस ने 40 हजार नकद समेत सिम कार्ड, एटीएम कार्ड और अन्य सामान किया बरामद
नवगछिया। गोपालपुर थाना क्षेत्र के मकंदपुर चौक स्थित एटीएम में कार्ड फंसने के बाद मदद के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का नवगछिया साइबर थाना पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इसकी जानकारी नवगछिया एसडीपीओ सईम रजा ने अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान नवादा जिले के पकरीबरावां थाना क्षेत्र के बाजपुर निवासी सोनू कुमार और शेखपुरा जिले के शेखोपुरसराय थाना क्षेत्र के मोहब्बतपुर निवासी विपुल कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के पास से 40 हजार रुपये नकद, 32 सिम कार्ड, छह पैन कार्ड, 11 एटीएम कार्ड, नौ आधार कार्ड, सात पासबुक, छह मोबाइल फोन, दो चेकबुक, एक चारपहिया वाहन और सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं।
एटीएम कार्ड फंसने के बाद खाते से निकाले रुपये
एसडीपीओ ने बताया कि सात सितंबर को कैलाश मंडल मकंदपुर चौक स्थित एटीएम से रुपये निकालने गए थे। इसी दौरान उनका एटीएम कार्ड मशीन में फंस गया। एटीएम कक्ष में सहायता के लिए एक मोबाइल नंबर अंकित था। कैलाश मंडल ने उक्त नंबर पर संपर्क किया, जिसके बाद फोन पर बात करने वाले व्यक्ति ने खुद को सहायता करने वाला बताया और उन्हें अपने झांसे में लेकर एसबीआई मुख्य शाखा नवगछिया बुलाया।
इसी दौरान आरोपितों ने एटीएम मशीन से कार्ड निकाल लिया। इसके बाद नवगछिया जीरोमाइल स्थित एटीएम से कार्ड का इस्तेमाल कर 40 हजार रुपये निकाल लिए गए। साथ ही पीड़ित के बैंक खाते से 1,59,998 रुपये दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। मामले में पीड़ित ने नवगछिया साइबर थाने में कांड संख्या 50/26 दर्ज कराया था।
23 आईएमईआई नंबरों की जांच से मिला सुराग
मामले के उद्भेदन के लिए एसपी के निर्देश पर साइबर डीएसपी के नेतृत्व में साइबर थाना और तकनीकी शाखा की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने एटीएम कक्ष में चिपकाए गए मोबाइल नंबर का तकनीकी अनुसंधान शुरू किया। जांच के दौरान 23 आईएमईआई नंबर सामने आए। सीडीआर की जांच में एक मोबाइल नंबर सक्रिय मिला, जिसका लोकेशन शेखपुरा जिले के बरबीघा में पाया गया।
पुलिस टीम लोकेशन के आधार पर मौके पर पहुंची, जहां घटना के समय एटीएम के आसपास मौजूद एक कार मिली। कार के सत्यापन के बाद पुलिस ने छापेमारी कर दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
ओडिशा से मंगाते थे फर्जी सिम और बैंक खाते
पूछताछ में सोनू कुमार ने पुलिस को बताया कि वह साइबर फ्रॉड की राशि एटीएम से निकालने का काम करता था। वहीं विपुल कुमार ओडिशा से फर्जी सिम कार्ड, बैंक खाते और एटीएम कार्ड मंगाकर अपने सहयोगियों मोनू कुमार और दिलखुश कुमार को उपलब्ध कराता था। मोनू और दिलखुश साइबर ठगी की राशि बैंक खातों में जमा करते थे।
पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। पुलिस के अनुसार, विपुल कुमार के विरुद्ध दिल्ली के कमला मार्केट थाना, शेखपुरा थाना और पकरीबरावां थाना में पूर्व से मामले दर्ज हैं। इनमें धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र और हत्या समेत विभिन्न धाराओं के मामले शामिल हैं।






