जामताड़ा। केंद्र सरकार द्वारा पारित MMDR संशोधन बिल के विरोध में शनिवार को जामताड़ा जिले में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने विरोध प्रदर्शन किया। इसी क्रम में नाला प्रखंड मुख्यालय में झामुमो कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बिल को वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन की शुरुआत नाला स्थित नेताजी स्टेडियम से हुई। यहां से झामुमो के नेता और कार्यकर्ता पैदल मार्च करते हुए नाला बाजार पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने बाजार के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद सभी कार्यकर्ता प्रखंड कार्यालय परिसर पहुंचे, जहां धरना-प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शन का नेतृत्व झामुमो प्रखंड अध्यक्ष उज्ज्वल भट्टाचार्य ने किया। धरना कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, स्थानीय लोग, पंचायत प्रतिनिधि और झामुमो के वरीय नेता शामिल हुए। बीडीओ की अनुपस्थिति में सहायक प्रशासी पदाधिकारी संजीत कुमार दां को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम मांग पत्र सौंपा गया।
केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
धरना को संबोधित करते हुए प्रखंड अध्यक्ष उज्ज्वल भट्टाचार्य ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि झामुमो MMDR संशोधन बिल को झारखंड के हितों के खिलाफ मानती है। उनका आरोप है कि इस बिल के माध्यम से झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों से जुड़े अधिकारों पर असर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है, लेकिन यहां के आदिवासी और मूलवासी समुदायों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। उज्ज्वल भट्टाचार्य ने दावा किया कि नए कानून से राज्य के अधिकार प्रभावित होंगे और विस्थापन की समस्या बढ़ सकती है।
उन्होंने कहा कि झामुमो इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी। यदि केंद्र सरकार ने बिल वापस नहीं लिया तो पार्टी गांव-गांव में आंदोलन को तेज करेगी और सड़क से सदन तक अपनी आवाज उठाएगी।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से MMDR संशोधन बिल पर पुनर्विचार करने और झारखंड के हितों एवं अधिकारों की रक्षा करने की मांग की।
रिपोर्ट-संतोष कुमार
लोकेशन-जामताड़ा





