धनबाद। जिले के अंचल कार्यालय परिसर में शनिवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की ओर से MMDR बिल के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बिल को वापस लेने की मांग की। झामुमो नेताओं ने कहा कि MMDR बिल झारखंड के आर्थिक और अधिकारों से जुड़े हितों को प्रभावित कर सकता है।
धरना को संबोधित करते हुए झामुमो महानगर अध्यक्ष मंटू चौहान ने केंद्र सरकार पर झारखंड के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को मिलने वाली राशि से मंईयां सम्मान योजना सहित कई जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार झारखंड सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रही है। मंटू चौहान ने कहा कि MMDR बिल के विरोध में पूरे झारखंड के प्रखंड और अंचल कार्यालयों में धरना दिया जा रहा है। मांगें पूरी नहीं होने पर आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक करने की चेतावनी दी गई।
झामुमो नेता हरीश सिंह ने भी केंद्र सरकार पर झारखंड की बकाया राशि का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य की कथित 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपये की बकाया राशि को लेकर भी झारखंड के साथ न्याय नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि MMDR बिल के माध्यम से राज्य के अधिकारों और आर्थिक हितों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
वहीं, झामुमो महानगर नेता राजेश तुरी ने कहा कि पार्टी झारखंड के अधिकार और हक की लड़ाई लगातार लड़ती रही है और आगे भी संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि MMDR बिल के खिलाफ आंदोलन को आने वाले दिनों में और व्यापक किया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन के दौरान झामुमो कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से MMDR बिल वापस लेने, झारखंड के अधिकारों की रक्षा करने और राज्य की कथित बकाया राशि का भुगतान करने की मांग उठाई।





