सहरसा। सदर अस्पताल, सहरसा में पत्रकार के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले में बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ. सुशील कुमार आजाद और चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रोशन लाल को तत्काल प्रभाव से स्वास्थ्य विभाग, बिहार मुख्यालय में योगदान करने का निर्देश दिया गया है।
मामला उस समय सामने आया था, जब जिला पदाधिकारी, सहरसा के पत्रांक-398 दिनांक 15 सितंबर 2026 के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग को पूरे प्रकरण की जानकारी दी गई। पत्र में बताया गया कि सदर अस्पताल, सहरसा के प्रभारी अधीक्षक डॉ. सुशील कुमार आजाद और चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रोशन लाल पर मध्यान्ह भोजन से बीमार हुए बच्चों की रिपोर्टिंग करने पहुंचे मीडिया कर्मी अमर के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार और मारपीट करने का आरोप लगाया गया था। इसके अलावा घटनास्थल पर पहले से अधिष्ठापित सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को मिटाने का आरोप भी रिपोर्ट में दर्ज किया गया था।
मामले की जांच के बाद नियुक्ति प्राधिकार की ओर से दोनों चिकित्सकों के संबंध में तत्काल प्रभाव से स्वास्थ्य विभाग, बिहार में योगदान करने का निर्णय लिया गया। विभागीय अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि डॉ. सुशील कुमार आजाद, कोटि क्रमांक G643/2025, सदर अस्पताल सहरसा के प्रभारी अधीक्षक हैं, जबकि डॉ. रोशन लाल, कोटि क्रमांक G4780/2025, सदर अस्पताल में चिकित्सा पदाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने दोनों अधिकारियों को सहरसा से तत्काल प्रभाव से मुख्यालय में योगदान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अधिसूचना में यह भी उल्लेख है कि कार्रवाई के लिए सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है।
विभाग की ओर से आदेश की प्रतिलिपि महालेखाकार, वित्त विभाग, जिला पदाधिकारी सहरसा, कोषागार पदाधिकारी, क्षेत्रीय अपर निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं, सिविल सर्जन सहित संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
इस कार्रवाई के बाद सहरसा सदर अस्पताल से जुड़े पत्रकार प्रकरण में प्रशासनिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।






