भागलपुर। भारतीय विश्वकर्मा महासंघ, भागलपुर के तत्वावधान में गुरुवार को बाबा विश्वकर्मा पूजा का आयोजन धूमधाम और उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना कर सुख, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की। इस दौरान भगवान विश्वकर्मा को सृजन और निर्माण के देवता के रूप में याद करते हुए उनके महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम के आयोजक विशाल आनंद ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृजन के देवता हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कंप्यूटर, मशीन और आधुनिक तकनीक का विस्तार तेजी से हुआ है। इसके बावजूद यह मानना उचित नहीं है कि भगवान विश्वकर्मा की प्रासंगिकता कम हो गई है। उन्होंने कहा कि सृजन और निर्माण की आवश्यकता हर युग में रही है और भविष्य में भी बनी रहेगी।
विशाल आनंद ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा का अस्तित्व हर काल में माना गया है। सृजन की भावना और नए निर्माण की सोच से ही समाज तथा देश को आगे बढ़ाया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान समाज में अपने कार्यों के माध्यम से योगदान देने वाले प्रबुद्ध लोगों और सृजनकर्ताओं को ‘विश्वकर्मा सम्मान’ से सम्मानित करने की बात भी कही गई।
वहीं विश्वेश आर्य ने कहा कि विश्वकर्मा पूजा भारत के साथ-साथ नेपाल में भी उत्साह के साथ मनाई जाती है। उन्होंने बताया कि भागलपुर में विशाल आनंद के नेतृत्व में पिछले दो वर्षों से इस आयोजन का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में कार्यक्रम को और व्यापक स्वरूप देने की दिशा में काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा को निर्माण और सृजन का देवता माना जाता है। प्राचीन काल से लेकर आधुनिक दौर तक निर्माण की परंपरा में उनकी मान्यता महत्वपूर्ण रही है। आज भले ही मशीन और तकनीक का युग है, लेकिन निर्माण और सृजन की आवश्यकता पहले की तरह ही बनी हुई है।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने पूजा-अर्चना के बाद एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भागलपुर में विश्वकर्मा पूजा को और भव्य तरीके से आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा।






