जमुई। सदर अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने वाली खबर सामने आई है। यहां एक 17 वर्षीय छात्र की मौत के बाद परिजनों ने 102 एंबुलेंस सेवा पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का दावा है कि एंबुलेंस में पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण रास्ते में छात्र की हालत बिगड़ गई और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने सदर अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया।
मृतक की पहचान 17 वर्षीय महिंद्र कुमार रजक के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, महिंद्र की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। इसके बाद उसे इलाज के लिए 102 एंबुलेंस से सदर अस्पताल लाया जा रहा था। आरोप है कि एंबुलेंस में लगा ऑक्सीजन सिलेंडर खाली था या उसमें मरीज की जरूरत के मुताबिक पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं थी।
परिजनों का कहना है कि ऑक्सीजन की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण रास्ते में महिंद्र की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। जब तक एंबुलेंस सदर अस्पताल पहुंची, तब तक छात्र की मौत हो चुकी थी। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
इसके बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने एंबुलेंस सेवा में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि यदि समय रहते छात्र को पर्याप्त ऑक्सीजन मिल जाती, तो उसकी जान बच सकती थी।
हंगामे की सूचना मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को समझाने का प्रयास किया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया।
मामले को लेकर सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से जांच शुरू किए जाने की बात कही गई है। 102 एंबुलेंस सेवा के प्रबंधक और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों से पूछताछ की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि एंबुलेंस में ऑक्सीजन की स्थिति क्या थी और मरीज को अस्पताल लाने के दौरान निर्धारित चिकित्सा व्यवस्था का पालन हुआ या नहीं।
अधिकारियों के मुताबिक, जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मौत के कारण और जिम्मेदारी की स्थिति स्पष्ट होगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






