जामताड़ा। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देश पर रविवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जामताड़ा के तत्वावधान में नाला प्रखंड के ग्राम बनबेरिया में एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को कानून, महिला अधिकारों और निःशुल्क कानूनी सहायता के प्रति जागरूक करना था।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार राधा कृष्ण एवं सचिव पवन कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर का संचालन पीएलवी अमित कुमार सिंह ने किया। इस दौरान ग्रामीणों को महिलाओं से संबंधित विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी सरल भाषा में दी गई।
शिविर में भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, घरेलू हिंसा, महिलाओं के संवैधानिक अधिकार और लैंगिक समानता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। पीएलवी ने ग्रामीणों को बताया कि दहेज लेना और देना दोनों कानूनन अपराध हैं। उन्होंने कहा कि दहेज जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने के लिए कानून के साथ-साथ समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जागरूकता और भागीदारी जरूरी है।
ग्रामीणों को महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा, दहेज के लिए प्रताड़ना और अन्य प्रकार के उत्पीड़न के खिलाफ उपलब्ध कानूनी उपायों की जानकारी दी गई। साथ ही महिला और पुरुष के समान अधिकार, महिलाओं के सम्मान, बालिकाओं की शिक्षा और लैंगिक भेदभाव समाप्त करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को संविधान में निहित न्याय, समानता, स्वतंत्रता और गरिमा जैसे मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया। जरूरतमंद लोगों के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता एवं परामर्श की जानकारी भी दी गई।
शिविर में मौजूद ग्रामीणों ने सभी विषयों को गंभीरता से सुना और अपने अधिकारों तथा कानून के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया। मौके पर लक्ष्मी हेंब्रम, प्राणेश्वर मुर्मू, प्रमोद किस्कू, लबेश्वर हेंब्रम, पान किस्कू, गौरी बेसरा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष उपस्थित रहे।
संवाददाता – संतोष कुमार, जामताड़ा








