जामताड़ा। नाला प्रखंड के प्रसिद्ध बाबा देवलेश्वर मंदिर में रविवार को मंदिर प्रबंधन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंदिर के विकास, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और धाम में चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान मंदिर की आय-व्यय का लेखा-जोखा भी सदस्यों के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
बैठक में कोषाध्यक्ष की ओर से पिछले महीनों के दौरान विवाह, पूजा-पाठ, दान और अन्य स्रोतों से प्राप्त आय तथा हुए खर्च का विस्तृत हिसाब पेश किया गया। समिति के सदस्यों ने प्रस्तुत लेखा-जोखा पर संतोष जताया। इसके बाद मंदिर परिसर में चल रहे अधूरे निर्माण कार्यों को जल्द पूरा कराने तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक नए विकास कार्य शुरू करने पर चर्चा हुई।
बैठक में सदस्यों ने मंदिर के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे। चर्चा के बाद सर्वसम्मति से मंदिर के मुख्य प्रवेश मार्ग को चौड़ा और व्यवस्थित करने का निर्णय लिया गया। प्रवेश द्वार पर स्टील ग्रिल लगाने और उसके सौंदर्यीकरण पर भी सहमति बनी। समिति का मानना है कि इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी और धाम की व्यवस्था भी बेहतर होगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आवश्यक विकास कार्यों में समिति के अपने कोष का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा पर्यटन की दृष्टि से बाबा देवलेश्वर धाम के समग्र विकास के लिए जिला प्रशासन और स्थानीय विधायक सह विधानसभा अध्यक्ष से संपर्क कर सहयोग मांगा जाएगा। सदस्यों ने कहा कि धाम के विकास से श्रद्धालुओं के साथ-साथ क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
बैठक के दौरान मंदिर प्रबंधन समिति की हर महीने नियमित बैठक आयोजित करने पर भी जोर दिया गया। साथ ही बैठकों में अधिक से अधिक सदस्यों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया, ताकि मंदिर से जुड़े विकास कार्यों और व्यवस्थाओं पर सामूहिक रूप से निर्णय लिया जा सके।
बैठक में समिति के अध्यक्ष राम हांसदा, सचिव मागाराम विद, कोषाध्यक्ष प्रफुल्ल कुमार विद सहित हिरालाल मंडल, हाराधन कर, दिवाकर कर, मंटू मोहन पाल, अजीत कुमार पाल, तपन कुमार झा, समीर कुमार नंदी, पल्लव कुमार पाल, विजयानंद झा, प्रभाकर पाल, रासबिहारी झा, राजकुमार रक्षित, रतन कुमार दास, राधामाधव माजी, श्यामापद मंडल समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे।
संवाददाता – संतोष कुमार, जामताड़ा








