फरक्का में पटरी धंसने से रेल परिचालन प्रभावित, किशनगंज में कई ट्रेनें 6 घंटे तक लेट

किशनगंज: न्यू फरक्का-तिलडांगा रेलखंड में पटरी के नीचे मिट्टी धंसने के बाद रेल परिचालन बहाल कर दिया गया है, लेकिन इसका असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। रविवार को फरक्का रेलखंड में आई परेशानी के कारण किशनगंज, ठाकुरगंज और सिलीगुड़ी की ओर आने-जाने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनें घंटों की देरी से पहुंचीं। इससे यात्रियों की आगे की यात्रा और कनेक्टिंग ट्रेनों की योजना भी प्रभावित हुई।

दो दिनों तक रद्द रहने के बाद 13149 कंचनकन्या एक्सप्रेस रविवार को दोबारा पटरी पर लौटी, लेकिन यात्रियों को तत्काल राहत नहीं मिल सकी। कंचनकन्या एक्सप्रेस किशनगंज में करीब चार घंटे, जबकि ठाकुरगंज में करीब 4 घंटे 28 मिनट की देरी से पहुंची। परिचालन में बाधा के कारण ट्रेन को दमदम जंक्शन से न्यू फरक्का जंक्शन के बीच डायवर्जन के रास्ते चलाया जा रहा है।

Sponsored Advertisement

फरक्का रेलखंड की परेशानी का असर दूसरी ट्रेनों पर भी पड़ा। 13147 उत्तरबंगा एक्सप्रेस किशनगंज में करीब 6 घंटे लेट पहुंची। वहीं 12343 दार्जिलिंग मेल करीब 4 घंटे 42 मिनट, जबकि 12377 पदातिक एक्सप्रेस करीब 5 घंटे 27 मिनट की देरी से पहुंची। इसके अलावा 22301 न्यू जलपाईगुड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस भी करीब 3 घंटे 49 मिनट लेट रही।

वहीं 15721 पहाड़िया एक्सप्रेस के परिचालन पर भी इस व्यवधान का असर पड़ा। किशनगंज स्टेशन मास्टर दीपक कुमार के अनुसार, पहाड़िया एक्सप्रेस किशनगंज में करीब 2 घंटे 51 मिनट और ठाकुरगंज में करीब 2 घंटे 48 मिनट की देरी से पहुंची।

रेलवे के अनुसार, ट्रैक धंसने वाले प्रभावित स्थल पर ट्रायल रन पूरा हो चुका है। परिचालन को जल्द पूरी तरह सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, ट्रेनों के समय पर नहीं चलने के कारण यात्रियों की परेशानी अभी बनी हुई है। यात्रियों को उम्मीद है कि रेलखंड की स्थिति सामान्य होते ही ट्रेनों की रफ्तार और समय-सारिणी भी जल्द पटरी पर लौटेगी।

Related Posts

समस्तीपुर जंक्शन पर VIP कोच में शराब की तस्करी, 75 लीटर विदेशी शराब के साथ युवक-युवती गिरफ्तार

समस्तीपुर जंक्शन पर VIP कोच में शराब की तस्करी, 75 लीटर विदेशी शराब के साथ युवक-युवती गिरफ्तार

कटिहार में बाढ़ ने रोकी बच्चों की पढ़ाई, नाव से स्कूल पहुंचने को मजबूर सैकड़ों छात्र

कटिहार में बाढ़ ने रोकी बच्चों की पढ़ाई, नाव से स्कूल पहुंचने को मजबूर सैकड़ों छात्र

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *