सहरसा/सिमरी बख्तियारपुर। सलखुआ प्रखंड के चिड़ैया थाना क्षेत्र की चानन पंचायत स्थित सहुरिया, हनुमान टोला में रविवार को एक हृदय विदारक घटना ने पूरे गांव को झकझोर दिया। राशन कार्ड विवाद में हत्या के बाद पोस्टमार्टम से अर्जुन सादा का शव घर पहुंचा। बेटे का शव देखते ही उसकी 80 वर्षीय मां पविया देवी सदमा बर्दाश्त नहीं कर सकीं। बेटे के शव पर गिरकर विलाप करते-करते उनकी भी मौत हो गई। इसके बाद एक ही आंगन से मां और बेटे की अर्थियां एक साथ उठीं और श्मशान घाट पर दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रविवार दोपहर एंबुलेंस से अर्जुन सादा का शव घर पहुंचते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। लाठी के सहारे बैठी पविया देवी ने जैसे ही बेटे का शव देखा, वह दहाड़ मारकर रोने लगीं। कुछ ही देर बाद वह अचेत होकर शव पर गिर पड़ीं। परिजनों ने उन्हें संभालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
एक ही दिन पिता और दादी को खोने से अर्जुन सादा के चार पुत्रियों और दो पुत्रों वाले परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घटना के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसरा रहा। एक साथ दो अर्थियां उठने और दो चिताएं जलने का दृश्य देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
बताया जाता है कि 5 सितंबर को सहुरिया वार्ड नंबर-13 के हनुमान टोला में राशन वितरण के दौरान ई-पॉस मशीन पर फिंगरप्रिंट लगाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ था। पुरानी रंजिश के चलते विवाद बढ़ गया और लाठी-डंडे से मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान गंभीर रूप से घायल अर्जुन सादा की मौत हो गई थी।
मामले में सहरसा एसपी विक्रम सिहाग के निर्देश पर सिमरी बख्तियारपुर एसडीपीओ निशीकांत भारती के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर तीन मुख्य नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
एसडीपीओ ने बताया कि चिड़ैया थाना कांड संख्या-53 में मुकेश कुमार, सूरज कुमार और शंकर कुमार, तीनों निवासी कोकराहां टोल, सहुरिया को गिरफ्तार किया गया है। मृतक के भाई अरविंद सादा के आवेदन पर छह महिलाओं समेत कुल 20 नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।





