गोपालपुर। गोपालपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित लगभग तीन किलोमीटर लंबे ब्रह्मोत्तर बांध की स्थिति लगातार दयनीय होती जा रही है। सैदपुर महादलित टोला के समीप तथा पवन शर्मा के बासा से आगे तीन-चार स्थानों पर बांध के ऊपर से पानी ओवरफ्लो होने लगा है। पानी तेजी से प्रखंड मुख्यालय गोपालपुर की ओर बढ़ रहा है। वहीं, सैदपुर-सुकटिया बाजार मुख्य सड़क पर भी पानी बहने लगा है, जिससे ग्रामीणों में बाढ़ की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गई है।
बांध की गंभीर स्थिति को देखते हुए सैदपुर के ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन से तत्काल बांध की सुरक्षा और मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की। ग्रामीणों ने सीओ सहित स्थानीय विधायक सह ऊर्जा मंत्री से भी ब्रह्मोत्तर बांध पर तत्काल आवश्यक कार्य कराने की गुहार लगाई, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार समय रहते कोई ठोस पहल नहीं की गई।
प्रशासनिक स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के बाद सैदपुर समेत आसपास के सैकड़ों ग्रामीण जल संसाधन विभाग के कैंप कार्यालय पहुंच गए। ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष बांध की गंभीर स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद जल संसाधन विभाग की ओर से बांध को बचाने के लिए कार्य शुरू किया गया।
मामले की सूचना मिलने पर जिला परिषद अध्यक्ष बिपिन कुमार मंडल भी ग्रामीणों के साथ ब्रह्मोत्तर बांध का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने मौके पर बांध की स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से जानकारी ली। बांध की सुरक्षा को लेकर उन्होंने सीओ से फोन पर बात कर तत्काल नाव उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य किया जा सके।
जिप अध्यक्ष का आरोप है कि इसके बावजूद सीओ की ओर से न तो नाव उपलब्ध कराई गई और न ही उन्होंने स्वयं मौके पर पहुंचकर बांध की स्थिति का जायजा लिया। इसे लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई।
जिला परिषद अध्यक्ष बिपिन कुमार मंडल ने पूरे मामले की जानकारी आपदा प्रबंधन विभाग, पटना को भी दी। साथ ही उन्होंने जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता ई. जयप्रकाश पासवान से फोन पर बातचीत कर ब्रह्मोत्तर बांध की सुरक्षा के लिए तत्काल अतिरिक्त संसाधन और कर्मियों की व्यवस्था करने का आग्रह किया। मुख्य अभियंता ने तीन-चार ठेकेदारों को मौके पर भेजकर बांध को सुरक्षित कराने की बात कही।
जिप अध्यक्ष ने कहा कि ब्रह्मोत्तर बांध के ध्वस्त होने की स्थिति में गोपालपुर प्रखंड मुख्यालय सहित आसपास की बड़ी आबादी बाढ़ की चपेट में आ सकती है। उन्होंने प्रशासन और जल संसाधन विभाग से युद्धस्तर पर बचाव एवं सुरक्षा कार्य कराने की मांग की, ताकि संभावित बाढ़ के खतरे को टाला जा सके।





