भागलपुर। भागलपुर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। लगातार बढ़ रहे गंगा के जलस्तर का असर अब तिलकामांझी विश्वविद्यालय परिसर पर भी साफ दिखाई देने लगा है। विश्वविद्यालय के गर्ल्स हॉस्टल में बाढ़ का पानी प्रवेश कर जाने से छात्राओं की परेशानी बढ़ गई है। स्थिति को देखते हुए कई छात्राएं छात्रावास खाली कर अपने-अपने घर लौटने लगी हैं।
छात्राओं का कहना है कि हॉस्टल परिसर में बाढ़ का पानी पहुंचने के बाद यहां रहना मुश्किल हो गया है। सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी छात्राओं के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। ऐसे में वे फिलहाल हॉस्टल छोड़कर अपने घर जा रही हैं। छात्राओं के मुताबिक, जब तक बाढ़ का पानी पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता, तब तक वे दोबारा छात्रावास लौटने की स्थिति में नहीं हैं।
गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच विश्वविद्यालय परिसर में बाढ़ का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे पहले प्रशासनिक भवन और विश्वविद्यालय परिसर की सड़कों पर भी बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। अब गर्ल्स हॉस्टल में पानी प्रवेश करने से छात्राओं की पढ़ाई और दैनिक जीवन दोनों प्रभावित होने लगे हैं।
छात्राओं का कहना है कि हॉस्टल खाली करने के कारण उनकी पढ़ाई पर सीधा असर पड़ेगा। बाढ़ की वजह से पठन-पाठन पूरी तरह बाधित होने की स्थिति बन गई है। छात्राओं के सामने एक तरफ सुरक्षित स्थान पर जाने की चिंता है तो दूसरी तरफ पढ़ाई को जारी रखने की चुनौती भी है।
विश्वविद्यालय परिसर में बाढ़ का पानी बढ़ने के साथ छात्राओं और उनके अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई है। छात्राओं का कहना है कि वे हालात सामान्य होने का इंतजार करेंगी और पानी कम होने के बाद ही वापस हॉस्टल लौटेंगी।
लगातार बढ़ रहे गंगा के जलस्तर ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने भी बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। अब जरूरत इस बात की है कि प्रभावित छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक व्यवस्था की जाए और उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार किया जाए।
छात्रा से बातचीत की हमारे संवाददाता आलोक कुमार झा ने।






