भागलपुर। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार को भागलपुर और नवगछिया पहुंचे, जहां उन्होंने गंगा में आई भीषण बाढ़ और नवगछिया अनुमंडल के राघोपुर इलाके में हो रहे तेज कटाव का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले हेलीकॉप्टर से भागलपुर और नवगछिया के बाढ़ प्रभावित इलाकों का एरियल सर्वे किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ और कटाव से उत्पन्न स्थिति का हवाई निरीक्षण कर जमीनी हालात का जायजा लिया।
एरियल सर्वे के बाद मुख्यमंत्री सीधे नवगछिया अनुमंडल के राघोपुर पहुंचे। यहां उन्होंने कटाव प्रभावित क्षेत्र का स्थल निरीक्षण किया और मौके पर चल रहे कटावरोधी कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों से कटाव की मौजूदा स्थिति, राहत-बचाव कार्य और अब तक किए गए उपायों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने राघोपुर में पुरानी रेल लाइन तटबंध को बचाने के लिए किए जा रहे कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को कटावरोधी कार्यों में तेजी लाने और पूरी गंभीरता के साथ काम करने का निर्देश दिया, ताकि तटबंध को सुरक्षित रखा जा सके और आसपास के ग्रामीण इलाकों को और नुकसान से बचाया जा सके।
मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ और कटाव की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने बताया कि करीब 12 किलोमीटर लंबे तटबंध को मजबूत करने का काम किया जाएगा। इसके साथ ही गंगा नदी में ड्रेजिंग भी कराई जाएगी, ताकि नदी की धारा और कटाव की समस्या को नियंत्रित करते हुए इसका स्थायी समाधान निकाला जा सके।
बता दें कि 23 अगस्त की रात बांध टूटने के बाद राघोपुर इलाके में कटाव की स्थिति लगातार गंभीर होती गई। गंगा की तेज धारा के कारण हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पलायन करना पड़ा है।
हालांकि पिछले दो दिनों से कटाव की रफ्तार में कुछ कमी आई है, लेकिन खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। ग्रामीण अब सरकार से स्थायी कटावरोधी व्यवस्था और प्रभावित परिवारों के लिए पर्याप्त राहत की उम्मीद लगाए हुए हैं।






