
जामताड़ा: नाला प्रखंड मुख्यालय के समीप स्थित प्रसिद्ध राधे-कृष्ण मंदिर में गुरुवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास और भक्तिमय माहौल में मनाया गया। जन्माष्टमी को लेकर मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी और दिनभर पूजा-अर्चना का सिलसिला चलता रहा।
सैकड़ों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। मंदिर के पुरोहित हिंकू चटर्जी के सानिध्य में विशेष पूजा-अर्चना कराई गई। पूजा के बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया।
जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं में भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन और पूजा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। दूर-दराज के क्षेत्रों से भी लोग मंदिर पहुंचे।
मंदिर की विशेषता के बारे में जानकारी देते हुए पुजारी हिंकू चटर्जी ने बताया कि डॉ. राधु मंडल द्वारा निर्मित इस मंदिर का निर्माण करीब पांच वर्ष पहले कराया गया था। मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यहां झांकी के रूप में सजाई गई हजारों देवी-देवताओं की मूर्तियां हैं। मंदिर परिसर में मौजूद यह झांकी श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
पुजारी ने बताया कि प्रत्येक वर्ष जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर में हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों की मान्यता है कि यहां सच्चे मन से भगवान श्रीकृष्ण से मांगी गई मन्नत पूरी होती है। यही वजह है कि जन्माष्टमी के दिन मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।
आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा का भी ध्यान रखा गया। पूरे दिन पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। जन्माष्टमी का पर्व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
रिपोर्ट: संतोष कुमार
लोकेशन: जामताड़ा






