विक्रमशिला सेतु से युवक ने उफनती गंगा में लगाई छलांग, SDRF ने रेस्क्यू कर बचाया

 

 

Sponsored Advertisement

भागलपुर: विक्रमशिला सेतु से एक युवक द्वारा उफनती गंगा नदी में छलांग लगाने का मामला सामने आया है। युवक के पुल से गंगा में छलांग लगाते ही वहां से गुजर रहे राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने युवक को बचाने के लिए शोर मचाया, लेकिन देखते ही देखते वह गंगा की तेज धार के बीच डूबने लगा।

 

घटना के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए SDRF की टीम को मौके पर बुलाया। कुछ ही देर में SDRF की टीम घटनास्थल पर पहुंची और युवक को तलाशने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

 

उफनती गंगा और तेज बहाव के बीच SDRF के जवानों ने काफी सावधानी के साथ युवक की तलाश शुरू की। नदी की तेज धार के कारण रेस्क्यू टीम के सामने चुनौती थी, लेकिन जवानों ने हिम्मत और सूझबूझ के साथ अभियान जारी रखा। काफी मशक्कत के बाद SDRF की टीम युवक तक पहुंचने में सफल रही और उसे सुरक्षित गंगा से बाहर निकाल लिया।

 

युवक के सुरक्षित बाहर निकलने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। रेस्क्यू के बाद युवक की स्थिति के संबंध में आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है।

 

हालांकि, युवक ने आखिरकार विक्रमशिला सेतु से गंगा में छलांग क्यों लगाई, इसकी वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। घटना के पीछे क्या कारण था और युवक किस परिस्थिति में पुल पर पहुंचा था, इसे लेकर पुलिस जांच कर रही है।

 

पुलिस स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी जुटा रही है। फिलहाल युवक को सुरक्षित बचा लिया गया है और मामले की जांच जारी है। उफनती गंगा में इस तरह की घटना ने एक बार फिर नदी के तेज बहाव और पुल क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

Related Posts

सहरसा में 5 सितंबर को लगेगा रोजगार मेला, 30 से अधिक कंपनियां देंगी नौकरी का मौका

सहरसा। जिले के शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार पाने का बेहतर अवसर सामने आया है। निदेशालय नियोजन एवं प्रशिक्षण (नियोजन), बिहार, पटना के निर्देशानुसार 5 सितंबर 2026, शनिवार को…

आजादी के 80 साल बाद भी राजखाड़ को पुल का इंतजार, बारिश में जान जोखिम में डालकर नदी पार करते ग्रामीण

बिश्रामपुर। पलामू जिले के बिश्रामपुर प्रखंड अंतर्गत घासीदाग पंचायत का राजखाड़ गांव आजादी के 80 वर्ष बाद भी मूलभूत सुविधाओं की बाट जोह रहा है। धुरिया नदी और जंगल से…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *