सहरसा में फर्जी हाजिरी और MDM रिपोर्ट का आरोप, स्कूल बंद रखकर शिक्षक घर से लगाते रहे उपस्थिति!

सहरसा। जिले के एक मध्य विद्यालय में फर्जी हाजिरी बनाकर मिड डे मील (MDM) की रिपोर्ट भेजने और विद्यालय बंद रखकर शिक्षकों द्वारा घर से उपस्थिति दर्ज कराने का गंभीर आरोप सामने आया है। मामले को लेकर विद्यालय शिक्षा समिति की सचिव ललिता कुमारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी, सहरसा को लिखित आवेदन देकर जांच और उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

 

Sponsored Advertisement

शिक्षा समिति की सचिव द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, मध्य विद्यालय करहरा का 24 और 25 जुलाई 2026 को दो दिनों तक निरीक्षण किया गया। आरोप है कि निरीक्षण के दौरान दोनों ही दिन विद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षिका अपने मोबाइल से घर से ही हाजिरी बना रहे थे, जबकि विद्यालय में शिक्षक मौजूद नहीं थे। आवेदन में कहा गया है कि विद्यालय पहुंचने के समय परिसर में ताला लगा हुआ था।

 

ललिता कुमारी ने आरोप लगाया है कि प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा शुक्रवार को 245 बच्चों की फर्जी हाजिरी बनाकर कागजी प्रक्रिया पूरी की गई। जबकि बच्चों को न तो पढ़ाई कराई गई और न ही भोजन दिया गया। इसके बावजूद MDM से संबंधित रिपोर्ट शिक्षा विभाग को भेजे जाने का आरोप लगाया गया है।

 

आवेदन में यह भी दावा किया गया है कि 25 जुलाई 2026 को भी 248 बच्चों की हाजिरी फर्जी तरीके से बनाकर MDM की रिपोर्ट विभाग को भेजी गई। जब शिक्षकों को यह जानकारी मिली कि विद्यालय के निरीक्षण की बात शिक्षा समिति और ग्रामीणों के माध्यम से सामने आ गई है, तो 27 अगस्त 2026 को सभी शिक्षक एवं शिक्षिका विद्यालय पहुंचे।

 

शिक्षा समिति सचिव ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि दो दिनों तक विद्यालय बंद रहने के बावजूद शिक्षक और शिक्षिकाएं मोबाइल ऐप के माध्यम से घर से उपस्थिति दर्ज कर रहे थे। इस संबंध में वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध होने का भी दावा किया गया है।

 

आवेदन में विद्यालय में 377 बच्चों के नामांकन और 10 शिक्षकों के पदस्थापित होने का उल्लेख करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से आरोपों की जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

Related Posts

सहरसा में 5 सितंबर को लगेगा रोजगार मेला, 30 से अधिक कंपनियां देंगी नौकरी का मौका

सहरसा। जिले के शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार पाने का बेहतर अवसर सामने आया है। निदेशालय नियोजन एवं प्रशिक्षण (नियोजन), बिहार, पटना के निर्देशानुसार 5 सितंबर 2026, शनिवार को…

आजादी के 80 साल बाद भी राजखाड़ को पुल का इंतजार, बारिश में जान जोखिम में डालकर नदी पार करते ग्रामीण

बिश्रामपुर। पलामू जिले के बिश्रामपुर प्रखंड अंतर्गत घासीदाग पंचायत का राजखाड़ गांव आजादी के 80 वर्ष बाद भी मूलभूत सुविधाओं की बाट जोह रहा है। धुरिया नदी और जंगल से…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *