पटना: बिहार की राजनीति में इन दिनों दिल्ली के एक होटल से जुड़े कथित ‘मंत्री चप्पल कांड’ को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मामले को लेकर अलग-अलग नेताओं की प्रतिक्रियाओं के बीच अब विधायक आईपी गुप्ता ने भी पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने राज्य सरकार से तत्काल विशेष जांच दल यानी एसआईटी के गठन की मांग करते हुए मामले की पूरी सच्चाई जनता के सामने लाने की बात कही है।
सोमवार को विधायक आईपी गुप्ता ने कहा कि यह मामला केवल किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और व्यापक जांच की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर बिहार सरकार और राज्य की प्रतिष्ठा पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में जनता के बीच उत्पन्न संशय और भ्रम को दूर करने के लिए सरकार को स्पष्ट कदम उठाना चाहिए।
आईपी गुप्ता ने कहा कि जब किसी मंत्री से जुड़ा कोई मामला सार्वजनिक और राजनीतिक चर्चा का विषय बन जाता है तो सरकार की जवाबदेही बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए, ताकि लोगों के बीच चल रही अटकलों और आरोप-प्रत्यारोप पर विराम लगाया जा सके।
विधायक ने राज्य सरकार से मांग की कि पूरे मामले की जांच के लिए एक स्वतंत्र और निष्पक्ष एसआईटी का गठन किया जाए। उनका कहना है कि जांच में सभी तथ्यों और आरोपों की बारीकी से पड़ताल होनी चाहिए। यदि जांच के बाद संबंधित मंत्री दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
वहीं, आईपी गुप्ता ने यह भी कहा कि यदि जांच में संबंधित मंत्री निर्दोष पाए जाते हैं तो कथित रूप से भ्रामक जानकारी फैलाने वाले मीडिया संस्थानों या अन्य जिम्मेदार पक्षों की भूमिका की भी समीक्षा की जानी चाहिए और आवश्यक होने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर विचार किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि इस मामले को लेकर तेज प्रताप यादव पहले ही कड़ा रुख अपना चुके हैं और उन्होंने इस प्रकरण पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, मंत्री संजय कुमार सिंह ने तेज प्रताप यादव को मानहानि का कानूनी नोटिस भेजे जाने की बात कही है।
अब विधायक आईपी गुप्ता की एसआईटी जांच की मांग के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से और अधिक चर्चा में आ गया है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि राज्य सरकार इस मामले में जांच या किसी अन्य कार्रवाई को लेकर क्या निर्णय लेती है।






