सहरसा। जिले के महिषी प्रखंड अंतर्गत जलई थाना क्षेत्र के थनबार गांव में 11 हजार वोल्ट का बिजली का तार गिरने से एक भैंस और दो गायों की मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश फैल गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजे और कार्रवाई की मांग को लेकर NH-17 को जाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, थनबार गांव निवासी अरुण राय के पशु बिजली के 11 हजार वोल्ट के तार की चपेट में आ गए। करंट इतना तेज था कि एक भैंस और दो गायों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे से पीड़ित परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
पीड़ित परिवार ने बताया कि मृत गायों में से एक करीब सात महीने की गर्भवती थी। अचानक बिजली का तार गिरने के बाद पशु करंट की चपेट में आ गए और उन्हें बचाने का कोई मौका नहीं मिला। घटना के बाद परिवार के साथ-साथ पूरे गांव में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी देखने को मिली।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है। उनका कहना है कि क्षेत्र में बिजली के तार और पोल की नियमित जांच तथा समय पर मरम्मत नहीं की जाती है। यदि विभाग द्वारा पहले से आवश्यक रखरखाव किया गया होता तो इस घटना को रोका जा सकता था।
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने NH-17 को पूरी तरह जाम कर दिया। सड़क जाम होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।
प्रशासन ने उचित कार्रवाई और पीड़ित परिवार को सरकारी प्रावधान के तहत मदद दिलाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया और यातायात बहाल हो सका।
वहीं, संबंधित बिजली विभाग के जेई ने भी पीड़ित परिवार को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि मृत पशुओं की पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभागीय नियमों के अनुसार उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।
फिलहाल पीड़ित परिवार को पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने और मुआवजा मिलने का इंतजार है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए बिजली के जर्जर तारों और पोल की नियमित जांच एवं मरम्मत कराने की मांग की है।






