बोकारो स्टील प्लांट (BSL) के क्वार्टरों की जर्जर स्थिति और कथित तौर पर मेंटेनेंस में लापरवाही का मामला एक बार फिर सामने आया है। बोकारो के सेक्टर-12 ई में बीएसएल के दो क्वार्टर ब्लॉक भरभराकर गिर गए। दोनों ब्लॉक एक-दूसरे के बगल में स्थित हैं। राहत की बात यह रही कि दोनों हादसों में किसी तरह की मानव क्षति नहीं हुई। हालांकि, क्वार्टरों में रहने वाले परिवारों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है।
जानकारी के अनुसार, 14 अगस्त को सेक्टर-12 ई में क्वार्टर संख्या 1283 से 1288 तक का ब्लॉक अचानक भरभराकर गिर गया था। इसके बाद आज रक्षाबंधन के दिन क्वार्टर संख्या 1289 से 1294 तक का दूसरा ब्लॉक भी धराशायी हो गया। लगातार दो ब्लॉकों के गिरने से इलाके में हड़कंप मच गया और लोगों में दहशत का माहौल है।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में बीएसएल प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश देखने को मिला। मौके पर पहुंचे बीएसएल के एक अधिकारी को लोगों ने रोक लिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दोनों ब्लॉक लंबे समय से जर्जर हालत में थे और इसकी जानकारी मेंटेनेंस विभाग को कई बार दी गई थी। बावजूद इसके, समय रहते आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुछ दिन पहले इसी इलाके में एक क्वार्टर ब्लॉक की पानी की टंकी और सीढ़ी का छज्जा भी टूटकर गिर चुका है। इसके बावजूद प्रबंधन की ओर से जर्जर भवनों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई।
हादसे के बाद प्रभावित परिवारों के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है। लोगों का कहना है कि वे वर्षों से इन क्वार्टरों में रह रहे हैं, लेकिन अब अचानक उनके सिर से छत छिन गई है। स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि उनका ब्लॉक डैमेज क्वार्टरों की सूची में शामिल नहीं था।
आक्रोशित लोगों ने स्पष्ट किया है कि जब तक टाउनशिप और बीएसएल प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवारों की समस्या का समाधान नहीं करते, तब तक मौके पर मौजूद अधिकारी को जाने नहीं दिया जाएगा। लोगों ने जर्जर क्वार्टरों का तत्काल सर्वे कराने और सुरक्षित आवास की व्यवस्था करने की मांग की है।
बोकारो | चंदन सिंह






