धनबाद में अवैध लॉटरी कारोबार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले में कथित तौर पर करोड़ों रुपये के अवैध लॉटरी नेटवर्क के संचालन का मामला अब जनप्रतिनिधियों तक पहुंच गया है। सिंदरी विधायक को सौंपे गए एक आवेदन में दावा किया गया है कि जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में फर्जी लॉटरी का संगठित कारोबार चल रहा है, जिसके जरिए प्रतिदिन 8 से 10 करोड़ रुपये तक का लेन-देन हो रहा है।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि झारखंड में लॉटरी प्रतिबंधित होने के बावजूद निरसा, गोविंदपुर, बलियापुर, सिंदरी, झरिया, कतरास, भौरा, पाथरडीह और जामाडोबा समेत कई क्षेत्रों में खुलेआम जाली लॉटरी बेची जा रही है। आवेदन में कहा गया है कि यह लॉटरी पश्चिम बंगाल सरकारी लॉटरी की तर्ज पर तैयार की जाती है, लेकिन उसका उससे कोई आधिकारिक संबंध नहीं है। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है, जबकि गरीब और मध्यमवर्गीय लोग आर्थिक शोषण का शिकार बन रहे हैं।
आवेदन में यह भी दावा किया गया है कि पूरे नेटवर्क का संचालन कुछ चुनिंदा लोगों द्वारा किया जा रहा है और जिले के कई इलाकों में काउंटर लगाकर यह कारोबार संचालित हो रहा है। शिकायत में मैथन और निरसा क्षेत्र में जाली लॉटरी की छपाई एवं वितरण होने का भी आरोप लगाया गया है।
मामले पर जब धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार से सवाल किया गया तो उन्होंने इस संबंध में जानकारी नहीं होने की बात कही और साक्ष्य उपलब्ध कराने की अपील की। इसके बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही हैं तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने कहा कि अवैध लॉटरी का मुद्दा पहले भी विधानसभा में उठाया गया था। सरकार ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन जमीनी स्तर पर यह कारोबार अभी भी जारी है। उन्होंने कहा कि गरीब और भोले-भाले लोग लालच में फंसकर ठगी का शिकार हो रहे हैं। विधायक ने अवैध लॉटरी पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि इस मुद्दे को वह पुनः विधानसभा में प्रमुखता से उठाएंगे।
संवाददाता : नीतीश कुमार, धनबाद