धनबाद के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। अस्पताल में लगे कई अग्निशमन यंत्र मार्च 2026 से ही एक्सपायर हो चुके हैं और अब तक उनमें गैस की रीफिलिंग नहीं कराई गई है। ऐसे में 630 बेड क्षमता वाले इस अस्पताल में भर्ती करीब 600 मरीजों की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2017 में अस्पताल परिसर के विभिन्न वार्डों और महत्वपूर्ण स्थानों पर कुल 126 अग्निशमन यंत्र लगाए गए थे। नियमों के मुताबिक इन यंत्रों की समय-समय पर जांच और रीफिलिंग अनिवार्य होती है, लेकिन इस बार टेंडर प्रक्रिया लंबित रहने के कारण मार्च 2026 में एक्सपायर हो चुके उपकरणों को अब तक न तो बदला गया है और न ही उनमें गैस भरी गई है।
अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज और उनके परिजन आते हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की आगजनी की घटना होने पर हालात बेहद गंभीर हो सकते हैं। सबसे अधिक चिंता इमरजेंसी वार्ड, सर्जिकल वार्ड, आईसीयू और एचडीयू जैसे संवेदनशील विभागों को लेकर है, जहां गंभीर मरीज भर्ती रहते हैं और उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना आसान नहीं होता।
विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पताल जैसे संस्थानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था हमेशा पूरी तरह सक्रिय और अद्यतन होनी चाहिए। लेकिन यहां न केवल अग्निशमन यंत्र निष्क्रिय पड़े हैं, बल्कि आग से निपटने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों की भी कमी बताई जा रही है।
गौरतलब है कि धनबाद में पूर्व में भी कई अस्पतालों में आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। टेलीफोन एक्सचेंज रोड स्थित हाजरा क्लीनिक में लगी भीषण आग में डॉक्टर दंपती समेत पांच लोगों की जान चली गई थी। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज और अन्य अस्पतालों में भी शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
इस संबंध में SNMMCH के अधीक्षक ने बताया कि अग्निशमन यंत्रों की रीफिलिंग और रखरखाव के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। जल्द ही प्रक्रिया पूरी कर आवश्यक कार्य शुरू कराया जाएगा।
संवाददाता : नीतीश कुमार, धनबाद