भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में हुए चर्चित गोलीकांड में घायल सभापति राजकुमार गुड्डू की शनिवार सुबह पटना के मेदांता अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। करीब 10 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी मौत की खबर मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

 

बताया जा रहा है कि टेंडर प्रक्रिया को लेकर हुए विवाद के दौरान इलाके के कुख्यात अपराधी रामधारी यादव अपने गुर्गों के साथ सरकारी दफ्तर में घुस गया था। इस दौरान अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। गोलीबारी की इस घटना में एक पीसीएस अधिकारी की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि सभापति राजकुमार गुड्डू गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

 

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई थी। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से गंभीर रूप से घायल राजकुमार गुड्डू को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी स्थिति नाजुक देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना के मेदांता अस्पताल रेफर किया गया था। पिछले 10 दिनों से उनका इलाज चल रहा था, लेकिन शनिवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

 

राजकुमार गुड्डू की मौत की खबर मिलते ही सुल्तानगंज और आसपास के इलाकों में मातम का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। स्थानीय विधायक ललित नारायण मंडल, वार्ड पार्षदों, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी गहरा शोक व्यक्त किया है।

 

घटना के बाद से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। वहीं पुलिस पूरे मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। इस गोलीकांड ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और सरकारी दफ्तरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

सभापति राजकुमार गुड्डू की मौत के बाद उनके समर्थकों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश और दुख का माहौल देखा जा रहा है।

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