भागलपुर से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। विक्रमशिला सेतु पर आवागमन ठप होने के बाद कोसी और सीमांचल के बीच माल ढुलाई पूरी तरह प्रभावित हो गई थी। गिट्टी, बालू और जरूरी सामानों की आपूर्ति बाधित होने से व्यापारियों और आम लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही थी। लेकिन अब इस संकट से निपटने के लिए भागलपुर जिला प्रशासन ने एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है।
प्रशासन की पहल पर कोलकाता से चार बड़े मालवाहक कार्गो जहाज मंगाए जा रहे हैं, जो गंगा नदी के रास्ते भारी वाहनों को आर-पार कराएंगे। बताया जा रहा है कि शार्क शिपिंग कंपनी के निदेशक मो. अरशद ने तिनटंगा करारी घाट का निरीक्षण किया है और निरीक्षण सफल रहने के बाद जहाज संचालन की तैयारी तेज कर दी गई है।
जानकारी के मुताबिक अगले चार दिनों के भीतर इन कार्गो जहाजों का परिचालन शुरू हो सकता है। ये जहाज एक बार में 10 से लेकर 24 तक भारी ट्रक, हाइवा और मालवाहक वाहनों को मात्र 10 मिनट में गंगा पार कराने की क्षमता रखते हैं।
इस व्यवस्था के शुरू होने से कोसी और सीमांचल इलाके में निर्माण सामग्री की किल्लत काफी हद तक दूर होने की उम्मीद है। साथ ही व्यापारियों को कम खर्च में सुरक्षित और तेज परिवहन सुविधा मिलेगी।
सबसे बड़ी राहत यह होगी कि विक्रमशिला सेतु बंद होने के कारण एनएच और वैकल्पिक मार्गों पर लग रहे भारी जाम से लोगों को निजात मिल सकेगी। प्रशासन का मानना है कि यह अस्थायी व्यवस्था क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और सप्लाई सिस्टम को दोबारा पटरी पर लाने में अहम भूमिका निभाएगी।
फिलहाल स्थानीय लोगों और व्यापारियों की नजर अब प्रशासन की इस नई पहल पर टिकी हुई है, जिससे कोसी और सीमांचल के बीच रुकी रफ्तार को फिर से गति मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
