पटना: बिहार की सत्ता का सबसे बड़ा केंद्र माने जाने वाला 1 अणे मार्ग अब नए स्वरूप में सामने आया है। करीब 50 वर्षों से मुख्यमंत्री आवास रहे 1 अणे मार्ग का नाम बदलकर अब ‘लोक सेवक आवास’ कर दिया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार यह नाम तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री बिंदेश्वरी दुबे के समय से 1 अणे मार्ग मुख्यमंत्री आवास के रूप में इस्तेमाल होता रहा है। इसके बाद लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और करीब 20 वर्षों तक नीतीश कुमार भी यहीं रहे। अब नीतीश कुमार 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास में शिफ्ट हो चुके हैं।
वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी फिलहाल 5 देशरत्न मार्ग में रहेंगे। सरकार ने अस्थायी तौर पर 5 देशरत्न मार्ग को 1 अणे मार्ग परिसर से अटैच कर दिया है। दोनों परिसरों को मिलाकर अब मुख्यमंत्री आवास का कुल क्षेत्रफल लगभग 9 एकड़ हो गया है।
1 अणे मार्ग करीब 5 एकड़ में फैला है और यहां 25 से 30 कमरे मौजूद हैं। इसमें मुख्यमंत्री का निजी आवास, कार्यालय, मीटिंग हॉल, अधिकारियों के कमरे, अतिथि कक्ष और जनता दरबार के लिए विशेष हॉल बना हुआ है। परिसर में आम और लीची के सैकड़ों पेड़ हैं और इसे ग्रीन एरिया के रूप में विकसित किया गया है।
वहीं 5 देशरत्न मार्ग लगभग 4 एकड़ में फैला है। तेजस्वी यादव के उपमुख्यमंत्री रहते इस आवास को हाईटेक बनाया गया था। यहां इनडोर बैडमिंटन कोर्ट, बड़ा बैठक कक्ष, मीडिया हॉल और सुंदर गार्डन जैसी सुविधाएं मौजूद हैं।
वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक Krishna Kumar Lal के मुताबिक अंग्रेजों के दौर में यह परिसर बड़े अधिकारियों के लिए बनाया गया था। बाद में बिंदेश्वरी दुबे के मुख्यमंत्री बनने पर इसे सीएम आवास घोषित किया गया।
बीजेपी प्रवक्ता दानिश इकबाल ने कहा कि सत्ता सेवा का माध्यम है, इसलिए मुख्यमंत्री आवास को ‘लोक सेवक आवास’ नाम दिया गया है।
