बिहार के नालंदा जिले में पुलिस ने नीट परीक्षा में फर्जी सॉल्वर बैठाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि गिरोह का संचालन कोई और नहीं बल्कि पावापुरी स्थित विम्स कॉलेज का एमबीबीएस छात्र ही कर रहा था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य मास्टरमाइंड अभी फरार है।
जानकारी के मुताबिक, 2 मई को वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस को पावापुरी मोड़ पर एक काली स्कॉर्पियो और एक ब्रेजा कार संदिग्ध हालत में नजर आई। पुलिस को देखकर दोनों गाड़ियां भागने लगीं, जिसके बाद टीम ने पीछा कर उन्हें रोक लिया। तलाशी के दौरान स्कॉर्पियो के डैशबोर्ड के नीचे से 2 लाख 95 हजार रुपये नकद बरामद किए गए।
स्कॉर्पियो चला रहे युवक की पहचान मुजफ्फरपुर जिले के भगवान छपरा निवासी अवधेश कुमार के रूप में हुई, जो विम्स कॉलेज में एमबीबीएस सेकंड ईयर का छात्र है। उसके मोबाइल की जांच में नीट, एईडीओ और बीएसएनएल परीक्षा से जुड़े एडमिट कार्ड, चैट और पैसों के लेन-देन के सबूत मिले।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इस पूरे गिरोह का असली मास्टरमाइंड उज्जवल उर्फ राजा बाबू है, जो 2022 बैच का एमबीबीएस छात्र है और फिलहाल फरार चल रहा है। बताया जा रहा है कि वह पहले से ही जांच एजेंसियों के रडार पर है।
गिरफ्तार अन्य आरोपियों में मोतिहारी के अमन कुमार सिंह और मुजफ्फरपुर के पंकज कुमार साह शामिल हैं। राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि नीट परीक्षा को लेकर पूरे जिले में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था, इसी दौरान यह सफलता हाथ लगी।
पुलिस का कहना है कि समय रहते कार्रवाई होने से किसी भी परीक्षा केंद्र पर सॉल्वर नहीं पहुंच सके और परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। फिलहाल पुलिस फरार मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
