सावन के पवित्र महीने में बाबा बैद्यनाथ को जल चढ़ाने के लिए लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज से देवघर की ओर कांवर लेकर निकल रहे हैं। इसी बीच एक ऐसे भक्त की तस्वीर सामने आई है, जो अपनी शारीरिक चुनौतियों के बावजूद अद्भुत आस्था और संकल्प के साथ बाबा धाम की यात्रा पर निकले हैं।
औरंगाबाद जिले के रहने वाले राकेश पासवान शारीरिक रूप से 100 प्रतिशत दिव्यांग हैं। इसके बावजूद उनके हौसले और भगवान भोलेनाथ के प्रति भक्ति में कोई कमी नहीं है। राकेश पासवान पैदल चलने में सक्षम नहीं हैं, लेकिन बाबा पर उनकी आस्था इतनी मजबूत है कि वह रेंगते हुए करीब 105 किलोमीटर की दूरी तय कर देवघर पहुंचने के संकल्प के साथ कांवरिया पथ पर आगे बढ़ रहे हैं।
सुल्तानगंज के गंगा धाम से गंगाजल लेकर राकेश पासवान बाबा बैद्यनाथ के दरबार की ओर रवाना हुए हैं। कच्ची कांवरिया पथ पर वह अपने हाथों और शरीर के सहारे धीरे-धीरे आगे बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। रास्ते से गुजरने वाले कांवरिए और श्रद्धालु जब उन्हें इस तरह यात्रा करते देखते हैं तो कुछ पल के लिए रुक जाते हैं। कई लोग उनकी आस्था को नमन करते हैं और उनके हौसले की सराहना करते हैं।
राकेश पासवान का कहना है कि उन्हें बाबा भोलेनाथ पर पूरा भरोसा है। उनका मानना है कि जब बाबा की कृपा साथ हो तो कोई भी मुश्किल बड़ी नहीं होती। वह कहते हैं कि भोलेनाथ की कृपा से उन्हें कोई तकलीफ महसूस नहीं हो रही है और बाबा ही उनकी यात्रा पूरी कराएंगे।
कांवरिया पथ पर रेंगते हुए आगे बढ़ रहे राकेश पासवान की भक्ति लोगों के लिए प्रेरणा बन रही है। जहां सामान्य श्रद्धालु भी 105 किलोमीटर की यात्रा को कठिन मानते हैं, वहीं राकेश अपनी शारीरिक स्थिति की परवाह किए बिना बाबा के दरबार तक पहुंचने के लिए लगातार आगे बढ़ रहे हैं।
उनकी यह यात्रा सिर्फ आस्था की कहानी नहीं, बल्कि मजबूत इच्छा शक्ति और अटूट विश्वास की मिसाल भी है। अब राकेश पासवान की नजर बाबा बैद्यनाथ के दरबार पर है, जहां पहुंचकर वह भोलेनाथ को गंगाजल अर्पित कर अपना संकल्प पूरा करना चाहते हैं।





