झारखंड के जामताड़ा जिले के नाला प्रखंड अंतर्गत दलाबड़ गांव में बेमौसम बारिश ने एक गरीब मजदूर के परिवार की जिंदगी पूरी तरह बदल दी। तेज बारिश के कारण मजदूर अमर घोष का मिट्टी का टाला घर ढह गया, जिससे पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे डर और असुरक्षा के बीच जीवन बिताने को मजबूर हो गया है।
अमर घोष मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उन्होंने बताया कि शाम के समय अचानक तेज बारिश शुरू हुई। बारिश के दौरान उनके घर से करकट टूटने और गिरने की आवाज आने लगी। स्थिति को गंभीर समझते हुए उन्होंने तुरंत अपने परिवार को लेकर पड़ोसी के घर में शरण ली। कुछ ही देर बाद उनका पूरा मिट्टी का घर भरभराकर गिर पड़ा।
घर गिरने के साथ ही उसमें रखा अनाज, राशन, घरेलू सामान और परिवार की दो साइकिलें भी पूरी तरह नष्ट हो गईं। परिवार के पास अब खाने-पीने तक की व्यवस्था नहीं बची है। घटना के दो दिन बाद भी परिवार भूखा-प्यासा रहने को मजबूर है।
अमर घोष की पत्नी विशाखा घोष ने बताया कि घर में रखा चावल, राशन और जरूरी सामान सब मलबे में दब गया। अब बच्चों के लिए भोजन तक जुटाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि उनके पास जो पुराना जर्जर घर बचा है, वह भी कभी भी गिर सकता है। बच्चे लगातार डर के साये में जी रहे हैं और हर बारिश में सहम जाते हैं।
पीड़ित परिवार ने स्थानीय प्रशासन और सरकार से तत्काल मदद की गुहार लगाई है। अमर घोष ने मांग की है कि उन्हें जल्द से जल्द प्रधानमंत्री आवास योजना या किसी अन्य सरकारी योजना के तहत आवास उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनका परिवार सुरक्षित रह सके।
गांव के लोगों ने भी प्रशासन से अपील की है कि इस गरीब परिवार की स्थिति को गंभीरता से देखते हुए तत्काल राहत सामग्री और रहने की व्यवस्था की जाए।
संवाददाता – संतोष कुमार, जामताड़ा / झारखंड
