बिहार के बक्सर शहर के बीच स्थित 261 वर्ष पुराना ऐतिहासिक ब्रिटिश कब्रिस्तान आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। बॉक्स में युद्ध में मारे गए अंग्रेज सैनिकों को यहीं दफनाया गया था। करीब दो एकड़ में फैले इस स्थल पर मौजूद शिलापट आज भी इतिहास की गवाही देते हैं, लेकिन वर्तमान स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी है।
कभी पर्यटकों से गुलजार रहने वाला यह कब्रिस्तान अब नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है। दिन के उजाले में ही लोग कब्रों के अंदर बैठकर नशा करते देखे जा रहे हैं। इससे न केवल ऐतिहासिक धरोहर को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि आसपास के लोगों में डर का माहौल भी बन गया है।
हैरानी की बात यह है कि यह कब्रिस्तान नगर थाना और नगर परिषद कार्यालय के बेहद करीब स्थित है, फिर भी यहां अवैध गतिविधियां खुलेआम चल रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब इस रास्ते से गुजरने में भी भय लगता है।
स्थानीय जदयू नेता राजेश कुशवाहा ने कहा कि यह स्थान अब गलत कारणों से ‘हॉट स्पॉट’ बन गया है। जहां कभी इतिहास जिंदा था, आज वहां नशे का माहौल है। वहीं नगर चेयरमैन प्रतिनिधि नेमतुला फरीदी ने भी माना कि कब्रों के अंदर बैठकर नशा किया जा रहा है, जो बेहद शर्मनाक है। उन्होंने बताया कि अंग्रेज सैनिकों के परिजन समय-समय पर यहां श्रद्धांजलि देने आते हैं, लेकिन मौजूदा हालत चिंताजनक है।
इतिहासकार डॉ. एसएन सिंह के अनुसार, यह कब्रिस्तान ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन अब अपनी पहचान खोता जा रहा है। उन्होंने इसके संरक्षण की जरूरत पर जोर दिया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर साल विकास और पर्यटन के नाम पर बजट तो पास होता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं दिखता। न सुरक्षा है, न संरक्षण।
अब सवाल यह है कि क्या यह ऐतिहासिक विरासत यूं ही बर्बाद होती रहेगी? लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर इस धरोहर को बचाने और इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग की है।
