पटना में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी जिलों के डीएम और एसपी के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में डीजीपी विनय कुमार और मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि अपराध पर नियंत्रण के लिए पुलिस को पूरी तरह ‘फ्री हैंड’ दिया गया है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर जिले में उद्योगों के अनुकूल माहौल तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री हब विकसित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और जो निवेशक बिहार में आना चाहते हैं, उन्हें सुरक्षा के साथ जरूरी सुविधाएं दी जाएं। इसके लिए हर उद्योगपति के साथ एक जिम्मेदार अधिकारी को टैग करने की व्यवस्था करने को कहा गया, ताकि समस्याओं का तुरंत समाधान हो सके। साथ ही ‘डायल 112’ सेवा को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।

बैठक में छोटे बच्चों, खासकर बच्चियों के खिलाफ होने वाले गंभीर अपराधों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए। ऐसे मामलों में तेजी से जांच और जल्द चार्जशीट दाखिल करने पर बल दिया गया, ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज्म से किसी भी हाल में समझौता नहीं किया जाएगा।

उन्होंने जनसुनवाई पर विशेष ध्यान देने को कहा और निर्देश दिया कि डीएम और एसपी रोज सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक कार्यालय में रहकर जनता की समस्याएं सुनें और उनका समाधान सुनिश्चित करें। साथ ही पंचायत स्तर पर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को शिविर लगाकर 30 दिनों के अंदर समस्याओं के निपटारे का लक्ष्य तय किया गया।

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अधिकारियों को अपनी क्षमता का बेहतर उपयोग करने की सलाह दी, वहीं डीजीपी विनय कुमार ने अपराधियों के खिलाफ अदालत में मजबूत पैरवी करने पर जोर दिया। बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि दो महीने बाद प्रगति की समीक्षा की जाएगी और बेहतर परिणाम की उम्मीद की जाएगी।

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