धनबाद और जामताड़ा जिले को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण बेजरा पुल के पिलर नंबर चार के धंसने की सूचना से इलाके में हड़कंप मच गया है। पुल की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन आवागमन बंद करा दिया है। घटना के बाद पुल की सुरक्षा और आसपास हो रहे बालू उठाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जुरगुडीह घाट से नाव के जरिए लगातार बड़े पैमाने पर बालू का उठाव किया जा रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि पुल के पिलर के आसपास से बालू निकासी के कारण नदी की प्राकृतिक सतह और पुल की नींव प्रभावित हुई होगी। इसके अलावा बालू लदे ट्रैक्टर और हाईवा के लगातार आवागमन से पुल पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की बात भी कही जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही पूर्वी टुंडी के अंचलाधिकारी सुरेश प्रसाद बरनवाल और जामताड़ा के अंचलाधिकारी अभिश्वर मुर्मू मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों के मुताबिक पुल काफी क्षतिग्रस्त हो गया है। वरीय अधिकारियों के निर्देश पर जेसीबी के माध्यम से रास्ते को बंद कराया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष भी पुल के पास बैरिकेडिंग की गई थी, लेकिन रात में किसी ने उसे हटा दिया। अवैध बालू ढुलाई के खिलाफ कार्रवाई के दौरान बालू माफिया के मौके से फरार होने की बात भी अधिकारियों ने कही है।
वहीं, ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि यदि लंबे समय से पुल के आसपास बालू की ढुलाई और उठाव हो रहा था, तो खनन विभाग, परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन की निगरानी व्यवस्था कहां थी? एनजीटी की रोक के बावजूद बालू उठाव होने के आरोपों की भी जांच की मांग उठ रही है।
फिलहाल धनबाद के कार्यपालक अभियंता भी मौके पर पहुंचकर पुल की स्थिति का जायजा ले रहे हैं। पूरी रिपोर्ट वरीय अधिकारियों और मुख्यालय को भेजी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से जानमाल की सुरक्षा को देखते हुए कांसजोड़ और कर्मदाहा होकर जाने वाले वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करने की अपील की है।
पिलर धंसने की घटना ने अवैध बालू खनन और परिवहन पर निगरानी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुल की तकनीकी जांच और पिलर के आसपास बालू उठाव पर तत्काल रोक लगाने की जरूरत है।







