बिहार सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 11 अधिकारियों को अनिवार्य मध्यकालीन प्रशिक्षण (Mid-Career Training Programme – Phase 3) के लिए मसूरी स्थित भेजने की अनुमति दे दी है। यह प्रशिक्षण 11 मई से 5 जून तक आयोजित होगा। इसमें 2015, 2016 और 2017 बैच के अधिकारी शामिल हैं। खास बात यह है कि इस सूची में दो जिलों के जिलाधिकारी भी शामिल हैं, जिससे प्रशासनिक स्तर पर अस्थायी प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

प्रशिक्षण के लिए चयनित अधिकारियों में 2015 बैच के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इनमें विनय कुमार (अपर सचिव, भवन निर्माण विभाग), अभय कुमार सिंह (अपर सचिव, सहकारिता विभाग), अमित कुमार (अपर सचिव, बिहार तकनीकी सेवा आयोग), राशिद कलीम अंसारी (सामान्य प्रशासन विभाग) और विजय कुमार (अपर सचिव, शिक्षा विभाग) प्रमुख हैं। इसके अलावा राजेश परिमल, जो मुख्यमंत्री सचिवालय में अपर सचिव के पद पर कार्यरत हैं, भी इस प्रशिक्षण में भाग लेंगे।

2016 बैच से रिची पांडे (जिलाधिकारी, सीतामढ़ी) और अंशुल कुमार (जिलाधिकारी, पूर्णिया) का नाम शामिल है। इनके साथ वैभव चौधरी, जो स्वास्थ्य विभाग में अपर सचिव हैं, भी प्रशिक्षण में भाग लेंगे। वहीं 2017 बैच से संजय कुमार और अभय झा, दोनों ग्रामीण कार्य विभाग में अपर सचिव के पद पर तैनात हैं, इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।

इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिकारियों के प्रशासनिक कौशल, नीति निर्माण क्षमता और नेतृत्व विकास को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। हालांकि, एक साथ इतने अधिकारियों के प्रशिक्षण पर जाने से राज्य सरकार के दैनिक कार्यों और विभागीय गतिविधियों पर कुछ हद तक असर पड़ सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *