
भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी), दरभंगा की ओर से मंगलवार को सहरसा जिले के कहरा प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय, रहुआमणि के मैदान में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत एक दिवसीय जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों, शिक्षकों और स्थानीय लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद सांस्कृतिक दल के कलाकारों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि कोसी कमिश्नरी, सहरसा के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि मादक पदार्थों का सेवन मानवता का दुश्मन है। उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उन्हें नशे के बजाय अपने लक्ष्य, करियर और अच्छे कार्यों के प्रति समर्पित होना चाहिए।
उन्होंने बच्चों और उपस्थित लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को नशीले पदार्थों का सेवन करते देखें तो चुप न रहें और इसकी सूचना स्थानीय जनप्रतिनिधियों या पुलिस को दें। इससे समाज को नशे से मुक्त करने के अभियान को मजबूती मिलेगी।
एमडीएम की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी शालिनी जागृति ने कहा कि बच्चों में कई बार नशे की शुरुआत साथियों की देखा-देखी से होती है। इसलिए केवल खुद नशे से दूर रहना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि दूसरों को भी नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करना जरूरी है।
कार्यक्रम में भाषण और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। सफल प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। बच्चों ने नृत्य और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशे के खिलाफ प्रभावी संदेश दिया। सांस्कृतिक दल ‘एकजुट’, पटना के कलाकारों की प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही।
इससे पूर्व सोमवार को कक्षा छह से 12वीं तक के करीब 50 बच्चों के बीच नशा मुक्त भारत विषय पर निबंध प्रतियोगिता कराई गई थी। प्रत्येक कक्षा के प्रथम तीन प्रतिभागियों को भी पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम में बीडीओ अभिलाषा पाठक, डिप्टी कलेक्टर तोशी कुमारी सहित शिक्षक, समाजसेवी और अन्य लोग मौजूद रहे।





