पटना: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) पटना में इनोवेशन, डिजाइन और एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 5 दिवसीय आईडीई (Innovation Design & Entrepreneurship) बूट कैंप-2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 20 अप्रैल से 24 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें 200 से अधिक टेक्निकल छात्र और उभरते उद्यमी भाग ले रहे हैं।
यह बूट कैंप अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) और शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल के संयुक्त प्रयास से आयोजित हो रहा है। इसमें बाधवानी फाउंडेशन और एसबीआई फाउंडेशन का भी सहयोग मिल रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को उनके स्टार्टअप आइडिया को विकसित करने, उसे प्रोटोटाइप में बदलने और बाजार तक ले जाने की प्रक्रिया से परिचित कराना है।
शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल के रीजनल कोऑर्डिनेटर वेदीकर विशाल के अनुसार, यह कार्यक्रम देशभर के 30 स्थानों पर एक साथ आयोजित हो रहा है, जिसमें लेह-लद्दाख से लेकर अंडमान-निकोबार तक के संस्थान शामिल हैं। एनआईटी पटना भी इस राष्ट्रीय पहल का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि छात्रों को डिजाइन थिंकिंग, क्रिटिकल थिंकिंग और स्टार्टअप बिल्डिंग के जरूरी पहलुओं की ट्रेनिंग दी जा रही है।
बूट कैंप में शामिल छात्रों को 40 टीमों में विभाजित किया गया है। हर टीम अपने स्टार्टअप आइडिया पर काम कर रही है और अंत में उसका प्रेजेंटेशन देगी। कार्यक्रम का मुख्य फोकस यह है कि छात्र केवल तकनीकी पक्ष तक सीमित न रहें, बल्कि अपने आइडिया को एक सफल बिजनेस मॉडल में बदलने की क्षमता भी विकसित करें।
एनआईटी पटना के इनक्यूबेशन सेंटर के इंचार्ज प्रोफेसर भरत गुप्ता ने बताया कि इस बूट कैंप में बीटेक और एमटेक के छात्र शामिल हैं, जिन्हें बिजनेस शुरू करने से लेकर उसे आगे बढ़ाने तक के सभी जरूरी पहलुओं—जैसे फाइनेंस, लीगल और मार्केटिंग—की जानकारी दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को जॉब सीकर नहीं, बल्कि जॉब गीवर बनाना है। साथ ही, बेहतर स्टार्टअप आइडिया को प्रोटोटाइप और मार्केट तक पहुंचाने के लिए फंडिंग की भी व्यवस्था की जाएगी। अंतिम दिन छात्र अपने प्रोजेक्ट्स का विस्तृत प्रेजेंटेशन देंगे।
