बिहार में शराबबंदी को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा और स्पष्ट बयान दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि राज्य में लागू शराबबंदी कानून को किसी भी स्थिति में खत्म नहीं किया जाएगा। यह फैसला पूरी तरह बरकरार रहेगा और इस पर पुनर्विचार का कोई सवाल ही नहीं उठता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नीति बिहार के सामाजिक और आर्थिक हित को ध्यान में रखकर लागू की गई थी। उन्होंने याद दिलाया कि इस निर्णय की सराहना देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं। साथ ही, इस कानून की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में हुई थी, जिसे जनता का व्यापक समर्थन मिला था।
सम्राट चौधरी ने आगे कहा कि शराबबंदी से समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है, खासकर महिलाओं और परिवारों को इससे राहत मिली है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार इस कानून को और प्रभावी बनाने के लिए लगातार कदम उठाएगी, ताकि अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में प्रशासनिक पारदर्शिता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार के कामकाज में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी, जिससे जनता का भरोसा और मजबूत हो।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कानून का सख्ती से पालन कराया जाए और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री का यह बयान साफ संकेत देता है कि बिहार में शराबबंदी नीति आगे भी जारी रहेगी और सरकार इसे और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
