पटना: बिहार में छात्र आंदोलन को लेकर सियासत तेज हो गई है। सिवान में 25 जुलाई को छात्र आंदोलन के दौरान कथित तौर पर एके-47 से फायरिंग के मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर निशाना साधा है। तेजस्वी का आरोप है कि छात्रों पर कार्रवाई और फायरिंग के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अब तक उचित कार्रवाई नहीं हुई है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि डीजीपी से मुलाकात के दौरान कार्रवाई का भरोसा दिया गया था, लेकिन सिवान के एसपी पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि केवल एक पुलिसकर्मी को निलंबित करने से मामला खत्म नहीं किया जा सकता। इसी मुद्दे को लेकर आरजेडी ने 19 अगस्त को पटना में लोकभवन मार्च का ऐलान किया है।
आरजेडी के मुताबिक, 19 अगस्त को सुबह 11 बजे पार्टी कार्यालय से लोकभवन तक मार्च निकाला जाएगा। इसमें आरजेडी के विधायक, विधान पार्षद, सांसद और कार्यकर्ता शामिल होंगे। मार्च में छात्रों और युवाओं के मुद्दों के साथ पेपर लीक, रोजगार और परीक्षा व्यवस्था जैसे सवाल भी उठाए जाएंगे।
तेजस्वी यादव इस मार्च को महागठबंधन की लड़ाई के तौर पर पेश कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस की भागीदारी को लेकर तस्वीर साफ नहीं है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस इस मार्च में शामिल नहीं होगी। कांग्रेस का कहना है कि छात्र आंदोलन को राहुल गांधी शुरुआत से राष्ट्रीय स्तर पर उठा रहे हैं और पार्टी छात्रों के मुद्दों को अलग तरीके से आगे बढ़ा रही है।
वहीं, आरजेडी प्रवक्ता सारिका पासवान ने उम्मीद जताई है कि महागठबंधन के सभी घटक दल मार्च में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर लोगों में नाराजगी है और सभी साथियों को इस मुद्दे पर साथ आना चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषक सुनील पांडे के मुताबिक, छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक दलों में क्रेडिट लेने की होड़ दिखाई दे रही है। उनका मानना है कि कांग्रेस का साथ मिलने से तेजस्वी का आंदोलन मजबूत होगा, जबकि दूरी से विपक्षी एकता पर सवाल उठ सकते हैं।
अब नजर 19 अगस्त के लोकभवन मार्च पर है, जहां छात्र आंदोलन के मुद्दे पर बिहार की राजनीति में विपक्ष की एकजुटता की असली तस्वीर सामने आ सकती है।





