भागलपुर: अंग जनपद की प्रसिद्ध तीन दिवसीय मनसा पूजा आज से पूरे विधि-विधान और भक्तिमय माहौल में शुरू हो गई। पूजा के पहले ही दिन सुबह से मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु मां मनसा को दलिया चढ़ाने के लिए लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। मंदिर परिसर लगातार मां मनसा के जयकारों से गूंजता रहा और पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
अंग क्षेत्र में मनसा पूजा की अपनी विशेष पहचान है। यहां भागलपुर और आसपास के जिलों के अलावा झारखंड, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र सहित देश के कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्रद्धालु मां मनसा के दरबार में पूजा-अर्चना कर अपनी मनोकामना पूरी होने की कामना करते हैं। मान्यता है कि मां मनसा की पूजा करने से परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।
तीन दिवसीय पूजा को लेकर मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। पूजा के साथ भव्य मेले का भी आयोजन किया जा रहा है। मेले में अलग-अलग तरह की दुकानें, खान-पान के स्टॉल और मनोरंजन के साधन लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में मेले को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
मनसा पूजा की परंपरा अंग क्षेत्र की प्रसिद्ध लोकगाथा चांद सौदागर, सती बिहुला और बाला लखेंद्र की कथा से जुड़ी हुई है। इस लोककथा का अंग की संस्कृति और परंपरा में विशेष महत्व है। यही कारण है कि मनसा पूजा धार्मिक आयोजन के साथ-साथ अंग की समृद्ध लोक विरासत और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक भी मानी जाती है।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति और पुलिस-प्रशासन की ओर से सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। भीड़ नियंत्रण, कतार व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है। पुलिस बल के साथ मंदिर समिति के स्वयंसेवक भी व्यवस्था संभालने में जुटे हैं। पूजा के पहले दिन उमड़ी भीड़ को देखते हुए अगले दो दिनों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। अगले तीन दिनों तक पूरा इलाका आस्था, लोक परंपरा और मेले के रंग में रंगा नजर आएगा।





