जमशेदपुर से बड़ी खबर है, जहां पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र के पानिपड़ा इलाके में स्वर्णरेखा नदी से बरामद एक खतरनाक बम को सेना के बम निरोधक दस्ते ने सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया है। इस ऑपरेशन के बाद इलाके में कई दिनों से बना भय और अनिश्चितता का माहौल पूरी तरह खत्म हो गया है।
जानकारी के मुताबिक, नदी में बम मिलने के बाद से आसपास के गांवों में दहशत का माहौल था। ग्रामीणों ने सुरक्षा के डर से नदी की ओर जाना तक बंद कर दिया था, जिससे उनके दैनिक कार्यों और पशुपालन पर भी असर पड़ रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत सेना की बम स्क्वायड टीम को बुलाया।
मंगलवार सुबह से ही पानिपड़ा और नागुड़साई क्षेत्र छावनी में तब्दील नजर आया। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। बम निष्क्रिय करने वाले स्थान के आसपास निर्धारित दायरे में आने वाले सभी घरों और खेतों को खाली करा लिया गया था। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मौके पर अग्निशमन विभाग की गाड़ियां, स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीम और एंबुलेंस तैनात रही। पुलिस बल ने भी पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी थी और नदी की ओर जाने वाले सभी रास्तों को सील कर दिया गया था।
सेना की विशेषज्ञ टीम ने पहले बम की तकनीकी जांच की और फिर उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर नियंत्रित विस्फोट के जरिए निष्क्रिय किया। ऑपरेशन बेहद सावधानी और सटीकता के साथ अंजाम दिया गया। जैसे ही बम के निष्क्रिय होने की पुष्टि हुई, प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
विशेषज्ञों का कहना है कि नदी में दबे या बहकर आए पुराने बम भी बेहद खतरनाक होते हैं और किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। ऐसे में समय रहते की गई इस कार्रवाई ने एक संभावित बड़ी दुर्घटना को टाल दिया।
वहीं, सफल ऑपरेशन के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने सेना और प्रशासन का आभार जताया है। लोगों का कहना है कि अब वे खुद को फिर से सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
