झारखंड के जमशेदपुर स्थित टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में बीते मंगलवार को एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। घटना तब शुरू हुई जब बाइक को अस्पताल परिसर के अंदर ले जाने को लेकर युवक और सुरक्षाकर्मियों के बीच बहस हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई।
जानकारी के अनुसार, मानगो के आजादनगर निवासी मो. सलीफुल अपने पिता को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद बाइक से लेने आए थे। जैसे ही वह बाइक लेकर अस्पताल के अंदर जाने लगे, गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। पहले उनसे हेलमेट पहनने के लिए कहा गया और फिर बाइक बाहर खड़ी कर पैदल अंदर जाने को कहा। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में बहस शुरू हुई।
घटना जल्द ही हिंसक हो गई और आरोप है कि 5–6 सुरक्षाकर्मियों ने मिलकर मो. सलीफुल की पिटाई की। युवक ने भी अपनी रक्षा में हेलमेट से वार किया। घटना का वीडियो अस्पताल के सीसीटीवी और वहां मौजूद लोगों ने रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक खुद को बचाने की कोशिश करता दिख रहा है, जबकि कई गार्ड उसे घेरकर मारते नजर आ रहे हैं।
घटना के बाद युवक के परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंच गए और सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए मुख्य गेट पर धरना देने लगे। करीब एक घंटे तक हंगामा चलता रहा।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराया। पुलिस ने बताया कि बाइक को अस्पताल परिसर में ले जाने को लेकर विवाद हुआ था। दोनों पक्षों ने शिकायत दर्ज कराई है और मामले की जांच जारी है।
टीएमएच प्रशासन ने भी घटना की गंभीरता को देखते हुए भीतरी सुरक्षा नियमों और कर्मचारियों के व्यवहार की समीक्षा शुरू कर दी है। अस्पताल की सुरक्षा टीम ने कहा कि नियमों का पालन करना आवश्यक है, लेकिन हिंसा को किसी भी हालत में उचित नहीं ठहराया जा सकता।
इस मामले ने अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था और मरीजों के अधिकारों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने मामले को और अधिक ध्यान में ला दिया है, जबकि पुलिस और प्रशासन दोनों तरफ से निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया है।
यह घटना मरीजों और उनके परिजनों के लिए एक चेतावनी भी है कि नियमों का पालन करते समय शांति बनाए रखना जरूरी है, ताकि विवाद हिंसक रूप न ले।
