झारखंड विधानसभा की निवेदन समिति की बैठक बोकारो के सर्किट हाउस के सभागार में आयोजित की गई। इस बैठक में विधानसभा में उठाए गए प्रश्नों और प्राप्त आवेदनों के आधार पर कुल 52 मामलों पर गंभीर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति और चन्दनक्यारी विधायक उमाकांत रजक ने की। मौके पर कमेटी के अन्य सदस्य सह बगोदर विधायक नगेन्द्र महतो, सह मांडू विधायक निर्मल महतो, बोकारो जिले के उपायुक्त अजय नाथ झा, पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह, उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार और जिले के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान विभिन्न आवेदनों, शिकायतों और सुझावों की क्रमवार समीक्षा की गई। घंटों चली बैठक में समिति ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्राप्त निवेदनों का समयबद्ध और पारदर्शी निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जिन मामलों में लापरवाही पाई गई, वहाँ संबंधित विभागों की जवाबदेही तय करने का निर्देश भी दिया गया।
विशेष रूप से जनहित से जुड़े मुद्दों—जैसे अवैध खनन, पेयजल, सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा—पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। समिति ने यह स्पष्ट किया कि आम जनता की समस्याओं का समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मीडिया से बात करते हुए समिति के सभापति उमाकांत रजक ने कहा कि बैठक गोपनीय रही, इसलिए सभी विवरण साझा नहीं किए जा सकते। उन्होंने यह भी बताया कि समिति आगे 52 निवेदनों की जांच कर रिपोर्ट विधानसभा में प्रस्तुत करेगी।
इस बैठक से स्पष्ट हुआ कि निवेदन समिति जनता की समस्याओं को गंभीरता से देख रही है और प्रशासनिक सुधार के लिए समयबद्ध कदम उठाने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। बोकारो जिले में यह पहल स्थानीय प्रशासन और विधायकों के समन्वय से जनहित की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
