बिहार के नालंदा स्थित विम्स पावापुरी यानी वर्धमान आयुर्विज्ञान संस्थान मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी अब खुलकर सामने आ गई है। खासकर जीएनएम की पढ़ाई कर रही छात्राएं बीते दो वर्षों से बिजली, पानी और वॉशरूम की समस्या से जूझ रही हैं। हालात इतने खराब हैं कि अब छात्राओं ने मजबूर होकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
छात्राओं का कहना है कि जैसे ही मौसम खराब होता है, हॉस्टल की बिजली गुल हो जाती है। इसके साथ ही पानी की आपूर्ति भी ठप पड़ जाती है, जिससे वॉशरूम का उपयोग करना मुश्किल हो जाता है। कई वॉशरूम में दरवाजे नहीं हैं और छत से पानी टपकता है। स्थिति इतनी बदतर है कि छात्राओं को शौच के लिए खुले में जाना पड़ता है या फिर जिनका घर पास है, वे घर लौटने को मजबूर होती हैं।
जीएनएम छात्रा सोनी कुमारी ने बताया कि बार-बार शिकायत के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। उल्टा प्रबंधन की ओर से कहा जाता है कि परेशानी हो तो घर चले जाओ। वहीं, छात्रा अनुष्का कुमारी ने आरोप लगाया कि पिछले 15 दिनों से हॉस्टल में बिजली नहीं है, पानी की भारी किल्लत है और एक कमरे में 6-7 छात्राओं को रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। यहां तक कि आरओ में करंट आने जैसी गंभीर शिकायतें भी सामने आई हैं।
छात्राओं का आरोप है कि वार्डन उनकी बात नहीं सुनतीं और प्रिंसिपल भी मौके पर आकर स्थिति का जायजा लेने तक नहीं पहुंचीं। वहीं, कॉलेज की प्रिंसिपल स्मिता कुमारी ने कुछ समस्याओं को स्वीकार करते हुए कहा कि मामले की जानकारी संबंधित विभाग को पहले ही दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हालांकि उन्होंने छात्राओं के कई आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
करीब 52 एकड़ में फैले इस मेडिकल कॉलेज में आधुनिक सुविधाओं का दावा किया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। अब देखना होगा कि छात्राओं के इस विरोध के बाद प्रशासन कब तक जागता है और समस्याओं का समाधान होता है।
