बिहार के गया में एलपीजी गैस की किल्लत अब छोटे कारोबारियों की कमर तोड़ने लगी है। इसका सबसे बड़ा असर दरियापुर मोड़ स्थित बलवीर चंद्रवंशी के मशहूर ‘मोदी जी चाय-पकौड़ा’ होटल पर देखने को मिल रहा है, जहां पिछले 10 दिनों से पकौड़े बनना पूरी तरह बंद हो गया है।
होटल के मालिक बलवीर चंद्रवंशी ने साल 2018 में से प्रेरित होकर इस दुकान की शुरुआत की थी। धीरे-धीरे यह होटल गया-चेरकी-शेरघाटी रोड पर यात्रियों की पहली पसंद बन गया। यहां रोजाना 30 से 35 हजार रुपये तक की बिक्री होती थी और महीने में 8 से 10 लाख रुपये का कारोबार होता था।
लेकिन मौजूदा गैस संकट ने इस रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। अब हालात यह हैं कि होटल में सिर्फ चाय, लिट्टी-चोखा और कुछ मिठाइयां ही उपलब्ध हैं। पकौड़े, कचरी और चना चाप जैसे फेमस आइटम पूरी तरह बंद हो चुके हैं। इसका सीधा असर बिक्री पर पड़ा है, जो इस महीने घटकर 4 से 5 लाख रुपये तक सिमटने की आशंका है।
बलवीर बताते हैं कि पहले हर हफ्ते 3 कमर्शियल गैस सिलेंडर की जरूरत होती थी, लेकिन अब एक सिलेंडर भी मिलना मुश्किल हो गया है। मजबूरी में उन्हें इंडक्शन चूल्हे पर चाय बनानी पड़ रही है। हालात इतने खराब हैं कि 8 में से 5 कर्मचारियों को छुट्टी देनी पड़ी है।
ग्राहकों में भी नाराजगी साफ दिख रही है। नियमित ग्राहक नीरज कुमार का कहना है कि वे खास तौर पर यहां पकौड़े खाने आते थे, लेकिन अब निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
वहीं, होटल के कर्मचारी अब लकड़ी के चूल्हे पर पकौड़े बनाने की वैकल्पिक व्यवस्था करने में जुटे हैं। बलवीर को उम्मीद है कि यह संकट जल्द खत्म होगा और कारोबार फिर पटरी पर लौटेगा।
गौरतलब है कि इस होटल की लोकप्रियता इतनी रही है कि कई नेता और अभिनेता भी यहां आ चुके हैं। अब सभी को इंतजार है उस दिन का, जब फिर से ‘मोदी जी चाय-पकौड़ा’ होटल में पकौड़ों की खुशबू लौटेगी।
