बिहार में सख्त अभियान के तहत सख्त कार्रवाई के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। शिवहर के उप विकास आयुक्त सह मुख्य कार्यकारी पैनल कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति खरीदने का मामला दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई से परमाणु ऊर्जा संयंत्र में निवेश किया गया है।
विशेष पर्यवेक्षक इकाई ने कंक्रीट चोट अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)(बी), 13(2) और 12 के तहत कांड संख्या 11/2026 दर्ज की है। आरोप है कि राजेश कुमार ने अपनी सेवा अवधि के दौरान अलग-अलग पर अवैध रूप से करीब 1 करोड़ 84 लाख 32 हजार 900 रुपये की संपत्ति अर्जित की, जो उनके ज्ञात आय भंडार से अधिक है।
मंगलवार सुबह करीब 8 बजे से निगरानी टीम ने एक साथ कई शेयरों की खोज शुरू की। विशेष न्यायाधीश (निगरानी, पटना) द्वारा जारी टिकटों के आधार पर शिवहर, स्केल, बेतिया और आवासीय भवनों और आवासीय परिसरों में सर्च की कार्रवाई जारी है। शिवहर स्थित सरकारी आवास के साथ-साथ समाहरणालय कार्यालय में भी गहन खोज की गई।
इस दौरान टीम को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, निवेश से जुड़ी संपत्तियां और संपत्ति के प्रतीक मिले। अधिकारियों को उम्मीद है कि जांच में आगे वृद्धि के साथ कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे मामलों में गिरावट और बढ़ोतरी हो सकती है।
इस पूरे मामले पर विशेष निगरानी इकाई के थोक व्यापारी लव कुमार ने बताया कि इस मामले में अब तक करीब 1 करोड़ 86 लाख रुपये की अवैध संपत्ति के तथ्य सामने आये हैं। उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल अभी भी जारी है और इसमें वैज्ञानिक पहलुओं का विश्लेषण किया जा रहा है।
आईएसओ ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में लागू जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह कार्रवाई की जा रही है और दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस कार्रवाई से एंटरप्राइज़ एंटरप्राइज़ में हलचल तेजी से हो गई है और आगे की जांच पर नज़र टिकी है।
