सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत चंद्रायन पंचायत के वार्ड नंबर 4 में सड़क नहीं होने की समस्या अब ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुकी है। करीब दो दशक बीत जाने के बावजूद आज तक यहां पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। हालत यह है कि हल्की बारिश होते ही पूरा इलाका जलमग्न हो जाता है और लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है।
सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को झेलनी पड़ रही है। बच्चे रोजाना पानी और कीचड़ से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। कई बार छोटे बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे अभिभावकों की चिंता भी लगातार बढ़ रही है। वहीं बुजुर्गों और महिलाओं को भी आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में यह रास्ता पूरी तरह दलदल में तब्दील हो जाता है।
स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण नहीं होने के लिए जनप्रतिनिधियों की आपसी राजनीति और खींचतान को जिम्मेदार ठहराया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत के मुखिया और जिला परिषद प्रतिनिधियों के बीच विवाद के कारण सड़क निर्माण का कार्य अधर में लटका हुआ है। लोगों के अनुसार जिला परिषद की ओर से सड़क निर्माण की पहल भी की गई थी, लेकिन पंचायत स्तर पर आपसी विवाद और राजनीति के चलते काम रुकवा दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि नेताओं की राजनीति का खामियाजा पूरे गांव के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस और अन्य जरूरी वाहन भी गांव तक आसानी से नहीं पहुंच पाते, जिससे आपातकालीन स्थिति में परेशानी और बढ़ जाती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण कराने और जलजमाव की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
