भागलपुर में लोक आस्था के महापर्व चैती छठ को लेकर गंगा घाटों पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के लिए शहर के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। व्रती महिलाओं ने पूरे विधि-विधान और परंपराओं के साथ डूबते सूर्य की पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि तथा संतान की लंबी आयु की कामना की।
घाटों पर चारों ओर भक्ति का माहौल रहा। व्रती महिलाएं नए वस्त्र धारण कर, सिर पर डाला सजाए, गीत गाते हुए घाटों तक पहुंचीं। सूर्य भगवान को फल, ठेकुआ, नारियल और अन्य पारंपरिक प्रसाद अर्पित किया गया। पूरे वातावरण में छठ गीतों की गूंज और श्रद्धालुओं की आस्था का संगम देखने को मिला।
गंगा घाटों पर सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचने के लिए सभी प्रमुख घाटों पर आपदा मित्रों की तैनाती की गई थी, ताकि आपात स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके। इसके साथ ही पुलिस बल और स्वयंसेवकों की भी पर्याप्त तैनाती की गई थी, जिससे भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और पर्व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।
प्रशासन की ओर से साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और बैरिकेडिंग की भी विशेष व्यवस्था की गई थी, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। घाटों तक जाने वाले मार्गों पर भी ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना की और कहा कि इस बार घाटों पर बेहतर इंतजाम देखने को मिले हैं। कुल मिलाकर आस्था, श्रद्धा और सुरक्षा के बीच चैती छठ का पहला अर्घ्य शांतिपूर्ण और भव्य तरीके से संपन्न हुआ। अब सभी श्रद्धालु उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने की तैयारी में जुट गए हैं।
