बिहार की राजधानी पटना में करोड़ों की हिस्सेदारी वाले शेयरों को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गांधी मैदान थाना पुलिस ने हरियाणा के गुड़गांव से मिले पति-पत्नी को नोएडा से जोड़ा है। दोनों कई वर्षों से अपहरणकर्ता पुलिस से भागने की कोशिश कर रहे थे।
गिरफ़्तार की पहचान राहुल कालरा और उनकी पत्नी रुचिका प्रकाश कालरा के रूप में हुई है। ये दोनों पहले पटना के बुद्ध कॉलोनी इलाके में रहते थे। पुलिस के मुताबिक, इस दावे से पता चला है कि लोगों ने अलग-अलग कंपनियों के फ़्रैंचाइज़ी फ़्लोरिडा के किरायेदारों के नाम पर करीब 56 करोड़ रुपये से अधिक की हिस्सेदारी रखी है। केस की रूपरेखा को देखते हुए उनके खिलाफ गांधी मैदान में दो केस दर्ज किए गए थे। इसके अलावा इंजिनियरिंग फर्म और कॉलेज में भी इन दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।
पुलिस के आदेश के मुताबिक, बदमाशों से बचने के लिए दोनों नाबालिग उपभोक्ता अपनी मजदूरी बदल रहे थे। हाल ही में युनाइटेड युक्रेग के रेजिडेंट पार्क इलाके में मिले, जहां ये अपने एक रेजीडेंसी के घर में छिपकर रह रहे थे। इसके बाद पटना पुलिस की एक टीम कई दिनों तक गुरुग्राम में कैंप करती रही और इसी तरह से जानकारी मिली, स्थानीय पुलिस के सहयोग से दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
लूट के दौरान पुलिस ने चार के पास से पासपोर्ट और अन्य अहम दस्तावेज भी बरामद किए। इससे यह संकेत मिलता है कि दोनों जल्द ही देश विदेश यात्रा की तैयारी में थे। सेंट्रल स्पेशल डायग्राम ने बताया कि अपराधी के बाद अब दोनों से पूछताछ की जा रही है और इस पूरे नेटवर्क से दूसरे लोगों को भी जोड़ा जा रहा है।
इस मामले में पुलिस आगे की जांच कर रही है और संभावना जताई जा रही है कि पूछताछ के दौरान इस बड़े नेटवर्क से जुड़े और भी खुलासे हो सकते हैं।
