बिहार के मुख्यमंत्री ने बड़ा विकास संदेश के तहत अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ दी। रोहतास जिले के डेहरी में उन्होंने करीब 480 करोड़ रुपये की लागत से 308 विकास योजनाओं का उद्घाटन किया। इस मशीन पर डिप्टी सीएम, मंत्री, और कई स्मारक मौजूद हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वॉटर प्लांट का निरीक्षण किया और उसके बाद बीएमपी मैदान में आयोजित कार्यक्रमों का उद्घाटन किया। अपने भाषण में उन्होंने कहा कि 2005 से पहले बिहार में विकास की स्थिति काफी गिर गई थी, लेकिन उनकी सरकार बनने के बाद शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क क्षेत्र में तेजी से काम हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था में सुधार का जिक्र करते हुए कहा कि पहले लोग शाम के बाद घर से आश्रम में थे, लेकिन अब स्थिति बदल गई है और महिलाएं भी खुद को सुरक्षित महसूस करती हैं। उन्होंने महिला संगठन को अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि बिहार पुलिस में देश में सबसे ज्यादा महिला संगठन हैं और सरकारी बैंकों में भी महिलाओं को ज्यादा दर्जा दिया गया है।
इसके साथ ही उन्होंने ‘जीविका’ योजना का ज़िक्र करते हुए कहा कि स्वयं सहायता से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब अल्पसंख्यक समुदाय में अल्पसंख्यक समुदाय मजबूत हुआ है और समुदाय मजबूत हुआ है।
कृषि क्षेत्र पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2008 के बाद कृषि रोडमैप के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए। उन्होंने दावा किया कि बिहार अब मछली उत्पादन में आत्मनिर्भर बन गया है। वहीं बिजली क्षेत्र में सुधार का जिक्र करते हुए कहा गया कि हर घर तक बिजली पहुंचा दी गई है और अब ज्यादातर घरेलू कलाकारों को मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उन्होंने बताया कि राज्य के कई अछूते मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं और वर्ल्ड क्लास बनाए जा रहे हैं। अंत में उन्होंने कहा कि बिहार विकास की राह तेजी से आगे बढ़ रही है और यह फिल्म आगे भी जारी रहेगी।
