बिहार के मुजफ्फरपुर जंक्शन पर नशाखुरानी गिरोह के खिलाफ रेल पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक शातिर दंपति को गिरफ्तार किया है, जो अपने मासूम बच्चे का सहारा लेकर यात्रियों को निशाना बनाते थे। दोनों आरोपी यात्रियों से पहले बातचीत कर उनका विश्वास जीतते और फिर नशीला पदार्थ खिलाकर उन्हें लूट लेते थे।
मामला तब सामने आया जब छपरा मेध की रहने वाली वृद्धा सुगिया देवी इलाज के लिए मुजफ्फरपुर आई थीं और जंक्शन पर ट्रेन का इंतजार कर रही थीं। इसी दौरान आरोपी दंपति अपने बच्चे के साथ उनके पास पहुंचे और बातचीत शुरू की। विश्वास में लेने के बाद पहले उन्हें खाने के लिए कुरकुरे दिए गए और फिर नशीला पदार्थ मिलाकर माजा कोल्ड ड्रिंक पिला दी गई। पेय पीते ही महिला बेहोश हो गई, जिसके बाद आरोपियों ने उनके गले की सोने की जितिया और नाक की नथ लूट ली।
घटना के बाद आरोपी कपड़े बदलकर फरार हो गए। यह वारदात प्लेटफॉर्म संख्या एक स्थित रेल पुलिस साइबर थाना के पास हुई थी। सूचना मिलने के बाद जीआरपी ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। रेल डीएसपी रौशन कुमार गुप्ता के निर्देशन में टीम ने संदिग्धों की पहचान कर घेराबंदी की और महज 12 घंटे के भीतर प्लेटफॉर्म संख्या 6 से दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पताही के मोहम्मदपुर निवासी पंकज और उसकी पत्नी संयोगिता के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने उनके पास से सोना तौलने की मशीन, एक टैब, लोहे का कटर और लूटी गई सोने की जितिया बरामद की है।
जानकारी के अनुसार, आरोपी पहले भी इसी तरह की घटना को अंजाम दे चुके हैं और 15 मार्च को भी एक महिला को निशाना बनाया था। गिरफ्तारी के समय भी दोनों किसी दूसरे यात्री को शिकार बनाने की फिराक में थे।
फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और गिरफ्तार दंपति को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
